Saturday, April 18, 2026

दिल्ली में 1300 से ज्यादा घाटों पर होगी भव्य छठ पूजा, मंत्री कपिल मिश्रा ने की तैयारियों की समीक्षा

by Neha
दिल्ली में 1300 से ज्यादा घाटों पर होगी भव्य छठ पूजा, मंत्री कपिल मिश्रा ने की तैयारियों की समीक्षा

दिल्ली में 1300 से ज्यादा घाटों पर होगी भव्य छठ पूजा। मंत्री कपिल मिश्रा ने तैयारियों का निरीक्षण किया और कहा, “अब तक का सबसे बड़ा आयोजन।” सुरक्षा, सफाई और रोशनी की पूरी व्यवस्था।

इस साल दिल्ली में छठ पूजा का आयोजन अब तक का सबसे बड़ा और भव्य आयोजन होने जा रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने इस बार छठ पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। राजधानी में 1300 से अधिक घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए भव्य छठ पूजा का आयोजन किया जाएगा।

मंत्री कपिल मिश्रा ने वासुदेव घाट का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, सफाई, रोशनी और ट्रैफिक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। निरीक्षण में दिल्ली सरकार, नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

कपिल मिश्रा ने कहा- अब तक का सबसे भव्य आयोजन

मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि यह दिल्ली में छठ पूजा का अब तक का सबसे बड़ा और भव्य आयोजन होगा। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि दिल्लीवासी स्वच्छ, सुरक्षित और सांस्कृतिक माहौल में छठ पर्व मनाएं। उपराज्यपाल के साथ घाटों की तैयारियों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को कोई कमी न रहने के आदेश दिए।”

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कपिल मिश्रा ने कहा कि यह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में पहली छठ पूजा है और यमुना किनारे पारंपरिक तरीके से पूजा की अनुमति दी गई है। यह दिल्लीवासियों और विशेषकर पूर्वांचल समाज के लिए गर्व का अवसर है।

पिछली सरकार की रोक हटाई गई

मंत्री ने यह भी बताया कि पिछली सरकार ने पूर्वांचल समाज की भावनाओं का सम्मान नहीं करते हुए यमुना किनारे छठ पूजा पर रोक लगा दी थी। लेकिन अब दिल्ली सरकार हर श्रद्धालु के साथ खड़ी है और इस बार छठ पर्व सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाएगा।

तैयारियों का विशेष ध्यान

इस बार छठ पूजा के आयोजन में घाटों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। लाइटिंग, टेंट, बैरिकेडिंग, मेडिकल सुविधा और जलस्तर नियंत्रण जैसी सभी व्यवस्थाओं को पहले से बेहतर बनाया गया है। दिल्ली सरकार का कहना है कि यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि दिल्ली की एकता और सांस्कृतिक विविधता का उत्सव भी बनेगा।

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