Tuesday, July 21, 2026

चैतर वसावा: भाजपा सरकार के मंत्री ने शिक्षकों के मुद्दे पर जो बयान दिया है, उसकी हम निंदा करते हैं

by Neha
चैतर वसावा: भाजपा सरकार के मंत्री ने शिक्षकों के मुद्दे पर जो बयान दिया है, उसकी हम निंदा करते हैं

सरकार के मंत्री बताएं कि आपने कब आठवां या दसवां वेतन आयोग लागू करके शिक्षकों को दिया है?: चैतर वसावा

भाजपा सरकार के मंत्री रमेश कटारा द्वारा शिक्षकों के मुद्दे पर जो बयान दिया गया था, उसकी निंदा करते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा ने कहा कि कल राज्य सरकार के मंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से शिक्षकों को लेकर बयान दिया गया है। सरकार के मंत्री के इस बयान से सरकार की मानसिकता उजागर होती है। यह केवल शिक्षकों का ही नहीं बल्कि पूरी जनता का अपमान है। शिक्षक कभी सामान्य नहीं होते, वे समाज और देश का निर्माण करने वाले व्यक्ति होते हैं। इसलिए इस अपमान को सहन नहीं किया जा सकता। मंत्री द्वारा इस तरह तंज कसकर कहा गया कि सामने बैठे श्रोताओं ने भी उस बयान को मजाक की तरह मानकर तालियां बजाईं। तो यह मजाक उस गुरु का है जो बच्चों को शिक्षा देता है और देश का निर्माण करता है। वेतन आयोग की बात करते हुए यह कहा गया था कि “भूतकाल के शिक्षक 200-500 रुपये में नौकरी करते थे और अच्छी शिक्षा देते थे”, तो मैं कहना चाहता हूं कि उस समय महंगाई कितनी थी और आज कितनी महंगाई है, यह जनता जानती है। उस समय किसी भी सरकारी गतिविधि में शिक्षकों को काम नहीं सौंपा जाता था। आज के शिक्षक को सभी प्रकार के कार्य सौंप दिए जाते हैं, जिसके कारण वे कक्षा में रह नहीं पाते।

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आगे आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा ने कहा कि आज शिक्षक जनगणना के काम में लगे होते हैं, बीएलओ के रूप में ड्यूटी करते हैं, SIR के काम में लगे होते हैं और इसके कारण आज शिक्षा गर्त में चली गई है। शिक्षकों की कमी होने के बावजूद, कई विद्यालयों में केवल एक ही शिक्षक होने के बावजूद, वह शिक्षक निष्ठापूर्वक अपना कर्तव्य निभाने का प्रयास करता है। ऐसे में सरकार के मंत्री का यह बयान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हम गुजरात सरकार और इस मंत्री से कहना चाहते हैं कि यदि आप शिक्षक का सम्मान नहीं कर सकते तो अपमान करने का कोई अधिकार नहीं है। शिक्षक महंगाई, अपने एरियर, अपने पेंशन और अपने हक-अधिकारों के लिए मांग करते हैं तो उसमें गलत क्या है? आपने कहा कि “शिक्षक को आठवां या दसवां वेतन आयोग देते हैं, फिर भी उनका पेट नहीं भरता और वे मांगें करते रहते हैं।” तो मेरा उस मंत्री से सवाल है कि आपने कब आठवां या दसवां वेतन आयोग लागू किया और शिक्षकों को दिया? ऐसी गलत जानकारी देकर गुमराह करने और शिक्षकों का अपमान करने के लिए सरकार के मंत्री रमेश कटारा द्वारा जो बयान दिया गया है, उसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और इस अपमान को हम कभी भी सहन नहीं करेंगे तथा आने वाले समय में इस बयान का जवाब गुजरात की जनता भाजपा को देगी।

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