Breast Cancer के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, ऐसे पहचानें इस बीमारी के लक्षण
भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर महिलाओं में Breast Cancer के केस बढ़ते जा रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए सरकार 200 डे केयर कैंसर सेंटर स्थापित कर रही है, जिससे बीमारी का जल्द पता लगाने और समय पर इलाज में मदद मिलेगी।
देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है। खासतौर पर महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए सरकार गंभीर है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने और जमीनी स्तर पर ठोस पहल करने पर जोर दिया है।
Breast Cancer की रोकथाम के लिए सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है। मंत्री ने बताया कि यदि इस बीमारी का समय पर पता लगा लिया जाए, तो बड़ी संख्या में महिलाओं की मृत्यु दर को कम किया जा सकता है।
Breast Cancer बना गंभीर चुनौती
मंत्री ने कहा कि भारत में कैंसर एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। हर साल 14 लाख से अधिक नए मामले सामने आते हैं, जिनमें से करीब 2 लाख मामले Breast Cancer के होते हैं। स्वस्थ जीवनशैली, जागरूकता, समय पर जांच और उचित उपचार से इस बीमारी से होने वाली मृत्यु दर को कम किया जा सकता है
समझदारी से लड़ेंगे, Breast Cancer को हराएंगे
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि Breast Cancer देश में एक गंभीर समस्या बन चुका है, जो जानकारी के अभाव में लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार भी इस चुनौती को लेकर न केवल चिंतित है, बल्कि इसके समाधान के लिए गंभीर प्रयास कर रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 15 करोड़ महिलाओं की Breast Cancer की जांच की जा चुकी है, और देशभर में 200 डे-केयर कैंसर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
Breast Cancer को लेकर जागरूकता बढ़ाने के प्रयास
लोगों में जागरूकता बढ़ाने और रेडियोलॉजिस्ट को उन्नत ट्रेनिंग देने के लिए ब्रेस्ट इमेजिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया (BISI) पिछले 12 वर्षों से सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस संस्था के दुनिया भर में 800 से अधिक सदस्य हैं, जो Breast Cancer की शुरुआती पहचान और इलाज को लेकर शोध व प्रशिक्षण में जुटे हैं।
Breast Cancer के शुरुआती लक्षण
ब्रेस्ट या उसके आसपास गांठ बनना
बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन घटना
निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज होना
ब्रेस्ट के आकार या त्वचा में असामान्य परिवर्तन
समय पर पहचान और उचित इलाज से इस बीमारी को हराया जा सकता है।