मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली में ‘हमारे राम’ नाटक देखा। उन्होंने पंजाब की धार्मिक एकता, भाईचारे और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मजबूत रखने पर जोर दिया।
पंजाब की धरती हमेशा से धार्मिक सद्भाव, भाईचारे और आपसी एकता की मिसाल रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की यही सामाजिक एकजुटता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे हर हाल में मजबूत बनाए रखना जरूरी है।
अमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली में देखा ‘हमारे राम’ नाटक
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमिटी यूनिवर्सिटी मोहाली में विश्व प्रसिद्ध नाटक ‘हमारे राम’ की विशेष प्रस्तुति में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी समृद्ध विरासत और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भगवंत मान ने कहा कि कला और संस्कृति समाज को जोड़ने का काम करती है। ‘हमारे राम’ जैसी प्रस्तुतियां लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और विरासत से जोड़ने का अवसर देती हैं।
पंजाब के कई शहरों में होगा नाटक का मंचन
‘हमारे राम’ नाटक की प्रस्तुति अब पंजाब के कई अन्य शहरों में भी की जाएगी। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, फिरोजपुर, खन्ना, बठिंडा और होशियारपुर में भी किया जाएगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों को इस चर्चित नाटक को देखने और भारतीय संस्कृति से जुड़े संदेश को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ‘ਤੇ ਧਾਰਮਿਕ ਸਾਂਝ ਤੇ ਭਾਈਚਾਰਾ ਸਾਡੀ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡੀ ਤਾਕਤ ਹੈ।
ਅੱਜ ਐਮਿਟੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਮੋਹਾਲੀ, ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ਵ ਪ੍ਰਸਿੱਧ ਨਾਟਕ ‘ਹਮਾਰੇ ਰਾਮ’ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਪੇਸ਼ਕਾਰੀ ਮੌਕੇ ਸ਼ਿਰਕਤ ਕੀਤੀ…
ਇਹ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਨਾਟਕ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ, ਲੁਧਿਆਣਾ, ਜਲੰਧਰ, ਫ਼ਿਰੋਜ਼ਪੁਰ, ਖੰਨਾ, ਬਠਿੰਡਾ ਤੇ ਹੁਸ਼ਿਆਰਪੁਰ ਵਿੱਚ ਵੀ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ… pic.twitter.com/5FqmF1Tgg7— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) August 7, 2026
विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को इस दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उनके मुताबिक, अपनी परंपराओं और विरासत से जुड़कर ही युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक पहचान को बेहतर तरीके से समझ सकती है।
धार्मिक सद्भाव बनाए रखना प्राथमिकता
भगवंत मान ने पंजाब की धार्मिक एकता और भाईचारे को प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा से विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच आपसी सम्मान और सद्भाव की भावना को मजबूत करता आया है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि पंजाब आगे भी अपनी एकता, अखंडता और सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा को कायम रखेगा। उन्होंने कहा कि भाईचारे और मिल-जुलकर रहने की भावना ही पंजाब की असली पहचान है।