अमन अरोड़ा ने गुरु का बाग मोर्चा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीदों के बलिदान को सत्य, सेवा, न्याय और शांतिपूर्ण संघर्ष की प्रेरणा बताया।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता अमन अरोड़ा ने गुरु का बाग मोर्चा के दौरान शहादत देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गुरु के घर की सेवा, धार्मिक मर्यादा और अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष करने वाले इन महान शहीदों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
गुरु का बाग मोर्चा के शहीदों को श्रद्धांजलि
अमन अरोड़ा ने कहा कि गुरु का बाग मोर्चा सिख इतिहास में धैर्य, अनुशासन और शांतिपूर्ण संघर्ष का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह आंदोलन गुरुद्वारा सुधार आंदोलन का अहम हिस्सा था और 1922 में अमृतसर के गुरु का बाग में हुआ था।
उन्होंने कहा कि उस दौर में संगत ने अपने धार्मिक अधिकारों और गुरुधाम की सेवा से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने गिरफ्तारियां दीं और कई लोगों ने शहादत प्राप्त की।
शांतिपूर्ण संघर्ष की मिसाल बना मोर्चा
अमन अरोड़ा ने कहा कि गुरु का बाग मोर्चा यह संदेश देता है कि अपने अधिकारों और सच्चाई के लिए संघर्ष करते समय धैर्य और दृढ़ता को बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक मोर्चे से आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है।
ਮੋਰਚਾ ਗੁਰੂ ਕਾ ਬਾਗ਼ (ਅੰਮ੍ਰਿਤਸਰ) ਦਿਹਾੜੇ ਦੇ ਪਾਵਨ ਮੌਕੇ ਉੱਤੇ ਗੁਰੂ-ਘਰ ਦੀ ਸੇਵਾ-ਸੰਭਾਲ ਅਤੇ ਰਹਿਤ ਮਰਿਆਦਾ ਲਈ ਕੁਰਬਾਨੀ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਸ਼ਹੀਦਾਂ ਨੂੰ ਕੋਟਿਨ-ਕੋਟਿ ਪ੍ਰਣਾਮ ਅਤੇ ਸੰਘਰਸ਼ੀ ਯੋਧਿਆਂ ਦੇ ਸਬਰ-ਸਿਦਕ ਨੂੰ ਸਿਜਦਾ।
ਸੂਰਬੀਰ ਯੋਧਿਆਂ ਵੱਲੋਂ ਸ਼ਾਂਤਮਈ ਢੰਗ ਨਾਲ ਫ਼ਤਹਿ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਇਹ ਮੋਰਚਾ ਹਮੇਸ਼ਾ ਸਾਨੂੰ ਸਬਰ-ਸਿਦਕ ਨਾਲ ਆਪਣੇ… pic.twitter.com/zw4u4crnIb— Aman Arora (@AroraAmanSunam) August 8, 2026
सेवा और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश
अमन अरोड़ा के मुताबिक, गुरु का बाग मोर्चा केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। शहीदों ने सेवा, सत्य और न्याय के सिद्धांतों के लिए जिस दृढ़ता का परिचय दिया, उसे हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन महान योद्धाओं का बलिदान समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और अन्याय के सामने मजबूती से खड़े होने की सीख देता है।
शहीदों का बलिदान हमेशा रहेगा प्रेरणास्रोत
अमन अरोड़ा ने कहा कि गुरु का बाग मोर्चा में शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करने वाले शहीदों को बार-बार नमन किया जाना चाहिए। उनका त्याग पंजाब और सिख इतिहास की अमूल्य विरासत है। उन्होंने कहा कि सत्य, सेवा, न्याय और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाना ही इन शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।