अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 3.6 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। जानें यात्रा की तारीख, रूट, नियम, सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी गाइडलाइंस की पूरी जानकारी।
अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 3.6 लाख से ज्यादा भक्त इस कठिन और पवित्र तीर्थ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यह यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 तक चलेगी।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जारी
अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा 15 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहले ही दिन बैंकों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ देखने को मिली। इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है।
यात्रा के दो प्रमुख मार्ग
इस बार भी अमरनाथ यात्रा के लिए दो पारंपरिक रास्ते तय किए गए हैं:
1. पहलगाम रूट (48 किमी): यह मार्ग अपेक्षाकृत लंबा है लेकिन धीरे-धीरे चढ़ाई के कारण सुरक्षित माना जाता है।
2. बालटाल रूट (14 किमी): यह छोटा लेकिन अधिक कठिन मार्ग है, जिसमें तेज चढ़ाई और जोखिम अधिक रहता है।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सुविधा
श्रद्धालु अमरनाथ श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा देशभर में 550 से अधिक बैंक शाखाओं में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है, जिनमें एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई, यस बैंक और जम्मू-कश्मीर बैंक शामिल हैं।
जरूरी नियम और शर्तें
- आयु सीमा: 13 से 70 वर्ष
- पंजीकरण शुल्क: ₹150 प्रति व्यक्ति
- कम्पल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) अनिवार्य
- गर्भवती महिलाओं (6 सप्ताह से अधिक) को यात्रा की अनुमति नहीं
- RFID कार्ड अनिवार्य
सुरक्षा व्यवस्था
यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस, सुरक्षा बल, मेडिकल टीमें और रेस्क्यू यूनिट तैनात रहेंगे। पहाड़ी रास्तों पर हेल्प सेंटर भी बनाए जाएंगे ताकि आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके।