पंजाब में अकाली दल नेता जस्करणजीत सिंह की POCSO मामले में गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। AAP नेता बलतेज पन्नू ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मामला जांच के अधीन है।
पंजाब की राजनीति में उस समय विवाद गहरा गया जब शिरोमणि अकाली दल से जुड़े नेता जस्करणजीत सिंह की गिरफ्तारी POCSO एक्ट के तहत एक नाबालिग से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में होने की खबर सामने आई। इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
POCSO केस में गिरफ्तारी और आरोप
AAP नेताओं की ओर से साझा किए गए आरोपों के अनुसार, जस्करणजीत सिंह को नाबालिग लड़की से जुड़े मामले में POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह मामला पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस द्वारा सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।
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AAP नेता बलतेज पन्नू के आरोप
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल पर इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी नेता पार्टी संगठन से जुड़ा हुआ था और वह कई राजनीतिक बैठकों में वरिष्ठ नेतृत्व के साथ मौजूद रहा है, जिसमें शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल का नाम भी शामिल बताया गया है। पन्नू ने सवाल उठाया कि पार्टी की ओर से इस मामले पर चुप्पी को किस तरह देखा जाए और क्या इसे अप्रत्यक्ष समर्थन माना जाए।
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राजनीतिक दबाव के आरोप
AAP की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि गिरफ्तारी से पहले कुछ स्तर पर अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।
जांच जारी, निष्कर्ष बाकी
यह पूरा मामला वर्तमान में जांच के दायरे में है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां सभी आरोपों की पुष्टि और तथ्यों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।