AAP नेता गोपाल इटालिया ने सरकारी टेंडर सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे कामों को मिलाकर बड़े पैकेज बनाए जाते हैं, जिससे छोटे ठेकेदार प्रभावित होते हैं।
AAP नेता गोपाल इटालिया ने सरकारी टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिजली, पानी और सड़क निर्माण जैसे सरकारी कार्यों में अक्सर छोटे-छोटे कामों को मिलाकर एक बड़ा पैकेज तैयार किया जाता है, जिसके बाद बड़े टेंडर जारी किए जाते हैं।
गोपाल इटालिया के अनुसार, 20 लाख, 30 लाख, 50 लाख और 60 लाख तक के छोटे कार्यों को जोड़कर एक बड़ा टेंडर बनाया जाता है, जिससे छोटे ठेकेदारों के लिए इसमें भाग लेना मुश्किल हो जाता है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के कारण छोटे ठेकेदार धीरे-धीरे बड़े स्तर पर नहीं पहुंच पाते और काम का लाभ सीमित बड़े ठेकेदारों को मिलता है। उनका दावा है कि इससे सिस्टम में प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है और छोटे स्तर के काम करने वाले ठेकेदार बाहर हो जाते हैं।
ख़ास कर के बिजली, पानी और सड़क निर्माण के सरकारी कार्यों में बीस, तीस, पचास, साठ लाख तक के अलग अलग कई कामो को एक साथ मिलाकर बड़ा पैकेज बनाके टेंडर निकाला जाता है।
छोटे छोटे ठेकेदार इस में हिस्सा नहीं ले सकते क्योंकि टेंडर की अमाउंट बड़ी होती है, छोटे ठेकेदार धीरे धीरे बड़े…
— Gopal Italia (@Gopal_Italia) May 27, 2026
इटालिया ने यह भी कहा कि बड़े टेंडर सिस्टम के कारण प्रशासनिक स्तर पर काम आसान हो जाता है, क्योंकि अलग-अलग छोटे ठेकेदारों से डील करने की बजाय एक ही बड़े पैकेज के तहत काम करवा लिया जाता है।
आरोपों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में ठेकेदारों और कुछ अधिकारियों के बीच कमीशन आधारित व्यवस्था बन जाती है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने इसे पुरानी “मॉडल आधारित प्रणाली” बताते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था विभिन्न राज्यों में अलग-अलग रूपों में देखने को मिलती रही है, और इससे छोटे काम करने वाले ठेकेदार प्रभावित होते हैं।