पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी आज सूरत आईं और बजट के कथित फायदे गिनाए, तो उसके जवाब में आम आदमी पार्टी के सूरत शहर अध्यक्ष धर्मेश भंडेरी ने पलटवार करते हुए कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी की नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सूरत आई थीं और केवल सूरत शहर एवं उसके नागरिकों को भ्रमित करने के उद्देश्य से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़े-बड़े दावों और भ्रम के अलावा सूरत के हित में कोई स्पष्ट जवाब या दृष्टि देखने को नहीं मिली। सूरत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाला व्यापारिक केंद्र है। हीरा उद्योग और टेक्सटाइल उद्योग—इन दोनों उद्योगों पर सूरत की आर्थिक वृद्धि निर्भर है। इसके बावजूद केंद्र सरकार के हालिया बजट में इन दोनों उद्योगों के लिए किसी भी प्रकार की विशेष व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसी स्थिति में बजट में सूरत को कुछ नहीं मिला—इस सच्चाई को छुपाने के लिए ही आज प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। उन्होंने आगे कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि सूरत से आने वाले केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल और उपमुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जो भाजपा के आंतरिक मतभेदों और सूरत के प्रति लापरवाही को दर्शाती है।
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AAP शहर अध्यक्ष धर्मेश भंडेरी ने आगे कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मित्रा पार्क की बात की गई, जिसे सूरत रेलवे स्टेशन से लगभग 45 किलोमीटर दूर बनाने की बात है। धर्मेश भंडेरी ने सवाल उठाया कि क्या यह परियोजना भी सूरत डायमंड बुर्स जैसी विफल साबित नहीं होगी? सूरत का हीरा उद्योग शहर के मध्य क्षेत्रों—महिधरपुरा, वराछा रोड और कतारगाम—में फैला हुआ है, फिर भी 20–25 किलोमीटर दूर डायमंड बर्स बनाई गई, जो आज खाली पड़ी है। भाजपा नेता किसी भी तरह से इसे सफल साबित करने की कोशिश करते हैं, लेकिन सच्चाई सबको पता है। इसी तरह की चिंता आज टेक्सटाइल व्यापारी पीएम मित्रा पार्क को लेकर व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे बजट में सूरत शहर के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने जीएसटी सुधार की बात की, लेकिन सूरत के व्यापारी आज जीएसटी की जटिल प्रक्रिया, अधिकारियों के दबाव और रोजमर्रा के डर से परेशान और त्रस्त हैं। इन वास्तविक समस्याओं पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक शब्द भी नहीं कहा गया। धर्मेश भंडेरी ने आगे कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिन व्यापारी समूहों द्वारा बजट की प्रशंसा का उल्लेख किया गया, वे सभी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोग हैं। वास्तव में सूरत का व्यापारी वर्ग पूरे बजट से असंतुष्ट है। पिछले वर्ष भी बजट को उत्कृष्ट बताया गया था, लेकिन एक वर्ष में सूरत को क्या लाभ हुआ—इस पर कोई चर्चा नहीं है।
AAP नेता धर्मेश भंडेरी ने आगे कहा कि सूरत से कम जनसंख्या वाले शहरों जैसे जोधपुर, पटना और गुवाहाटी में आईआईटी, गेमिंग हब जैसी संस्थाओं की घोषणाएं की गई हैं, जबकि 80 लाख से अधिक जनसंख्या वाला और देश का सबसे तेजी से विकसित होता शहर होने के बावजूद सूरत लगातार केंद्र और राज्य सरकार की अनदेखी का शिकार बनता रहा है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी उपस्थित थे, लेकिन दोनों में से किसी ने भी यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी कि बजट में सूरत को क्या मिला। यह पूरा रवैया भाजपा की सूरत के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। अंत में धर्मेश भंडेरी ने कहा कि सूरत एमएसएमई और लघु उद्योगों का बड़ा केंद्र होने के बावजूद केंद्र सरकार ने बजट में सूरत के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। आम आदमी पार्टी सूरत शहर की जनता की ओर से मांग करती है कि भारतीय जनता पार्टी और पूर्व केंद्रीय मंत्री इस मुद्दे पर स्पष्ट खुलासा करें।