Thursday, September 10, 2026

सत्य निकेतन PG बिल्डिंग हादसे में एक महत्वपूर्ण खुलासा: संचालक 100 मीटर था दूर, लेकिन फिर भी मौके पर क्यों नहीं पहुंचा

by editor
सत्य निकेतन PG बिल्डिंग हादसे में एक महत्वपूर्ण खुलासा: संचालक 100 मीटर था दूर, लेकिन फिर भी मौके पर क्यों नहीं पहुंचा

सत्य निकेतन : पुलिस जांच से पता चला कि PG संचालक सुधांशु घटनास्थल से 100 मीटर दूर अपने ऑफिस में था। अब पुलिस उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड को देख रही है।

दिल्ली के सत्य निकेतन में PG बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस जांच में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। हादसे के समय PG ऑपरेटर सुधांशु घटनास्थल से 100 मीटर दूर अपने ऑफिस में था। पुलिस ने बताया कि सुधांशु घटना की सूचना मिलने के बाद भी नहीं आया और फोन करने के बाद वहां से चला गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुधांशु को डर था कि स्थानीय लोग उसके साथ मारपीट कर सकते हैं। सुधांशु का कॉल डिटेल रिकॉर्ड अब पुलिस की जांच में है। सुधांशु दिल्ली के भजनपुरा क्षेत्र में रहता है। 2022 से सुधांशु अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ PG  कारोबार कर रहा था। दोनों ने सत्य निकेतन में पीजी संचालित चलाया, जिसे “होटल डेज़” कहा जाता था।

also read: आम आदमी पार्टी की छात्र शाखा (ASP) ने सत्य निकेतन त्रासदी…

संभावित जोखिमों की जानकारी

पुलिस ने बताया कि दोनों फिलहाल सत्य निकेतन क्षेत्र में सात PG/अकोमोडेशन चला रहे थे। जिस इमारत में हादसा हुआ, अगस्त 2025 में दोनों ने 1.05 लाख रुपये प्रति महीने किराया पर लिया था। पुलिस ने बताया कि PG संचालकों ने इमारत में कोई महत्वपूर्ण निर्माण बदलाव नहीं किया था। उन्होंने केवल दीवारों पर पेंट, सेकेंड हैंड AC, बेड, अलमारी और टेबल लगाए गए थे। PG संचालक का व्यावसायिक सहयोगी शुभम त्यागी अभी फरार है। शुभम त्यागी को कई पुलिस टीमें खोज रही हैं और हादसे में उसकी भूमिका की जांच कर रही हैं।

लेबर ठेकेदार से पूछताछ में स्पष्टीकरण

सनोज कुमार को मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। सनोज कुमार सत्य निकेतन के मालिक महेश गुप्ता का लेबर ठेकेदार था। उसे ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में निर्माण और मरम्मत का काम महेश गुप्ता ने दिया था। पूछताछ में पता चला कि सोनोज लगभग दस दिन पहले से इमारत में रेनोवेशन कर रहा था। ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट को एक ही लेवल पर लाने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट में लगभग तीन ट्रक मलबा डाला गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्राउंड फ्लोर पर एक दुकान बनाने में दीवार बाधा बन रही थी। उस दीवार को हादसे वाले दिन तोड़ा गया था। पुलिस का कहना है कि दीवार हटने के बाद इमारत का स्ट्रक्चर इतना भारी था कि पूरी इमारत ढह गई। हादसे के समय सत्य निकेतन में काम कर रहे कर्मचारियों को लंच करने गए थे। इसलिए ठेकेदार और उसके कर्मचारी दुर्घटना से बच गए। लांच करने के बाद सनोज वापस आया और इमारत को गिरा हुआ देखा।

You may also like

आम्रपाली दुबे का फूटा गुस्सा, काजी तौकीर से बोलीं- ‘हद में रह तू, जिंदगी हराम कर दूंगी’ मैरी कॉम से भिड़ीं रीति तिवारी, बोलीं- ‘पीठ पीछे बात मत करना’ अरिश्फा खान का फूटा गुस्सा, घरवालों को दी चेतावनी- ‘Gen-Z हूं, ऐसे ट्रीट करो!’ आसिम रियाज का रुबीना-हिना पर बड़ा हमला, विशाल आदित्य सिंह को भी सुनाई खरी-खोटी निक्की-अरबाज ने किया एक-दूसरे को अनफॉलो, शादी से पहले टूटा रिश्ता, चीटिंग वाले पोस्ट ने मचाई हलचल