संजीव झा ने भाजपा सरकार पर Hero साइकिल खरीद में कथित अनियमितता का आरोप लगाया। 1.30 लाख साइकिलों की खरीद और ₹3,000 अतिरिक्त भुगतान पर सवाल उठाए।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजीव झा ने भाजपा सरकार पर सरकारी खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि साइकिलों की खरीद से जुड़े एक टेंडर में ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे सरकार को कथित तौर पर प्रति साइकिल करीब ₹3,000 अधिक भुगतान करना पड़ा।
संजीव झा के मुताबिक, Hero कंपनी ने स्वयं टेंडर के लिए आवेदन किया था, लेकिन इसके बावजूद उसी कंपनी की साइकिलें किसी अन्य डीलर के माध्यम से खरीदी गईं। उनका आरोप है कि इस खरीद में बाजार या टेंडर प्रक्रिया के मुकाबले अधिक कीमत चुकाई गई।
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1.30 लाख साइकिलों की खरीद पर उठाए सवाल
AAP नेता ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत करीब 1,30,000 साइकिलों की खरीद की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संबंधित कंपनी ने खुद टेंडर में हिस्सा लिया था, तो उसकी जगह किसी दूसरे डीलर से उसी ब्रांड की साइकिलें खरीदने की जरूरत क्यों पड़ी।
संजीव झा का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में प्रति साइकिल लगभग ₹3,000 अतिरिक्त भुगतान किया गया। उन्होंने इस आधार पर सरकारी खजाने पर पड़ने वाले संभावित अतिरिक्त वित्तीय बोझ को लेकर भी सवाल खड़े किए।
भाजपा राज में हर रोज़ कोई न कोई घोटाला हो रहा है।
आप समझिए कि, जब खुद Hero कंपनी ने टेंडर के लिए आवेदन किया तो उसी कंपनी की जगह किसी और डीलर से Hero की ही साइकिल खरीदी गई वो भी ₹3,000 महंगी और इस तरह 1,30,000 साईकिलें खरीदी गईं।@Sanjeev_aap pic.twitter.com/Jnk8H77qiJ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 10, 2026
भाजपा सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
संजीव झा ने भाजपा शासन में सरकारी कामकाज और खरीद प्रक्रियाओं को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग मामलों में सामने आ रही खरीद प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीरता से सवाल उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खरीद में यदि एक ही उत्पाद को अधिक कीमत पर खरीदा जाता है, तो इससे सार्वजनिक धन के इस्तेमाल पर सवाल खड़े होते हैं।
खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल
AAP नेता ने संबंधित खरीद प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों से जवाब मांगा। उनका कहना है कि यदि एक कंपनी ने टेंडर के लिए आवेदन किया था, तो उसी ब्रांड का सामान दूसरे डीलर के माध्यम से खरीदने के पीछे क्या कारण था, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
हालांकि, संजीव झा द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है। संबंधित सरकारी विभाग या भाजपा की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
संजीव झा ने मांगी जवाबदेही
संजीव झा ने इस मामले को सरकारी धन के इस्तेमाल से जोड़ते हुए खरीद प्रक्रिया की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से होने वाली प्रत्येक खरीद में पारदर्शिता और उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।