पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और E20 के बीच विकल्प देने की मांग की।
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ई-20 (E20) एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पर्याप्त अध्ययन और व्यापक सहमति के बिना ई-20 पेट्रोल को लागू किया, जिससे आम लोगों और वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-20 पेट्रोल को लेकर कई उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आई हैं। उनका दावा था कि इस ईंधन के इस्तेमाल से कई वाहनों की माइलेज पर असर पड़ा है और इंजन से जुड़ी समस्याओं की भी शिकायतें मिल रही हैं, जिससे आम परिवारों के खर्च में बढ़ोतरी हुई है।
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केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार ने संसद में भी स्वीकार किया है कि ई-20 ईंधन के इस्तेमाल से कुछ वाहनों की माइलेज प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद लोगों के सामने सीमित विकल्प छोड़े गए और उपभोक्ताओं को अपनी पसंद का ईंधन चुनने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि इस नीति से बड़े कारोबारी हितों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि इसका आर्थिक असर आम उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है।
ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ‘ਚ ਧੱਕੇ ਨਾਲ ਵੇਚੇ ਜਾ ਰਹੇ E20 ਈਥੇਨੌਲ ਪੈਟਰੋਲ ਅਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਵਾਹਨਾਂ ਦੇ ਹੋ ਰਹੇ ਨੁਕਸਾਨ ਦਾ ਗੰਭੀਰ ਮੁੱਦਾ ਚੁੱਕਿਆ.. ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਸਟੱਡੀ ਤੋਂ ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਇਹ ਪੈਟਰੋਲ ਲੋਕਾਂ ‘ਤੇ ਥੋਪਿਆ ਗਿਆ ਹੈ… ਸਰਵੇ ਮੁਤਾਬਕ ਇਸ ਨਾਲ 67% ਵਾਹਨਾਂ ਦੀ ਮਾਈਲੇਜ ਘਟੀ ਹੈ ਅਤੇ 45% ਦੇ ਇੰਜਣ ਖਰਾਬ ਹੋਏ ਨੇ, ਜੋ ਕਿ ਆਮ ਲੋਕਾਂ… pic.twitter.com/oPEEJlgxFX
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) August 4, 2026
लोगों को मिले ईंधन चुनने का विकल्प
मुख्यमंत्री ने मांग की कि देशभर के वाहन मालिकों को शुद्ध पेट्रोल और ई-20 पेट्रोल के बीच अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनने का अधिकार मिलना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि ई-20 पेट्रोल बाजार में उपलब्ध कराया जाता है तो इसकी कीमत आम पेट्रोल की तुलना में कम रखी जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार अपना विरोध दर्ज करा रही है और आम लोगों के हितों से जुड़े इस विषय पर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी और ऐसे किसी भी फैसले का विरोध करेगी, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़े।
विधानसभा में ई-20 पेट्रोल का मुद्दा उठने के बाद इस विषय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों के हितों की रक्षा करना और उन्हें अपनी पसंद का विकल्प उपलब्ध कराना है।