Tuesday, August 25, 2026

पंजाब विधानसभा: पेपर लीक मामले पर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान, बोले- आम परिवारों के सपनों पर हमला

by Neha
पंजाब विधानसभा: पेपर लीक मामले पर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान, बोले- आम परिवारों के सपनों पर हमला

पंजाब विधानसभा में पेपर लीक मुद्दे पर सीएम भगवंत मान ने केंद्र और विपक्ष पर निशाना साधा। जानें विधानसभा में हुई पूरी बहस और मुख्यमंत्री के आरोप।

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में पेपर लीक मामले को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं पर केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों को घेरते हुए कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि मेहनत करने वाले छात्रों और आम परिवारों के भविष्य के साथ बड़ा धोखा है।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए गए निंदा प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वह इस प्रस्ताव का समर्थन करते हैं और पेपर लीक से प्रभावित होने वाले गरीब व मध्यम वर्गीय छात्रों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की।

पेपर लीक नहीं, प्रश्नपत्रों की खरीद-फरोख्त: सीएम मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लाखों छात्र अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य की उम्मीद में वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों के लीक होने से उनकी मेहनत बेकार हो जाती है।

उन्होंने कहा कि यह केवल पेपर बाहर आने का मामला नहीं है, बल्कि परीक्षा प्रश्नपत्रों की कथित खरीद-बिक्री का गंभीर मामला है। मान के अनुसार, पेपर लीक तभी संभव होता है जब कोई उसे खरीदता है और इससे छात्रों के अधिकारों पर सीधा असर पड़ता है।

पेपर लीक गिरोह पर लगाए गंभीर आरोप

सीएम मान ने दावा किया कि कुछ गिरोह परीक्षा प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपये वसूलते हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में 18 से 20 लाख रुपये तक की रकम लेने की बात सामने आई है।

उन्होंने कहा कि हालिया गिरफ्तारियों से यह संकेत मिलता है कि पेपर लीक का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इससे जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

केंद्र सरकार पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पेपर लीक की समस्या को शुरुआत में गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के विरोध के बाद सरकार ने इस मुद्दे पर ध्यान देना शुरू किया।

उन्होंने त्वरित अदालतों के गठन को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि असली समाधान यह है कि परीक्षा प्रणाली को इतना मजबूत बनाया जाए कि प्रश्नपत्र लीक ही न हो। मान ने सवाल किया कि जब सरकार देश की सुरक्षा के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं कर सकती है, तो परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं कर सकती।

also read: पंजाब सरकार ने गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व की…

भाजपा शासित राज्यों पर लगाए आरोप

विधानसभा में आंकड़ों का हवाला देते हुए भगवंत मान ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक की कई घटनाएं सामने आई हैं और इनमें बड़ी संख्या भाजपा शासित राज्यों से जुड़ी बताई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और भरोसे से जुड़ा मुद्दा है।

छात्र आंदोलनों का किया समर्थन

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की मांगें जायज हैं और सरकारों को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना

भगवंत मान ने कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी छात्रों के मुद्दों पर मजबूती से उनके साथ खड़ी नहीं हुई। विधानसभा में विपक्ष की खाली सीटों का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की।

पंजाब में परीक्षा अनियमितताओं पर सरकार का पक्ष

मुख्यमंत्री ने माना कि पंजाब में भी परीक्षा से जुड़े कुछ मामले सामने आए हैं। उन्होंने नायब तहसीलदार परीक्षा और फार्मेसी पेपर में अनियमितताओं का जिक्र किया। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने इन मामलों में तुरंत कार्रवाई की और डिजिटल निगरानी व्यवस्था की मदद से गड़बड़ियों का पता लगाया गया।

68 हजार से ज्यादा नौकरियों का किया दावा

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने अब तक 68 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही है।

पेपर लीक मुद्दे को लेकर विधानसभा में दिनभर बहस जारी रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप के कारण मानसून सत्र का अंतिम चरण काफी राजनीतिक रूप से गर्म रहा।

You may also like

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम मोहसिन खान ने की सगाई, कौन हैं तमन्ना? मुंबई की पार्टियों पर आंचल खुराना के चौंकाने वाले दावे, बोलीं- ड्रग्स से लेकर पार्टनर स्वैपिंग तक होता है बिग बॉस 20 में नजर आ सकते हैं ये चर्चित सितारे जन्नत जुबैर, प्रणाली राठौड़, करण पटेल तक संभावित कंटेस्टेंट्स के नाम तलाक के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रहीं चारु असोपा, बोलीं- बेटी की वजह से नहीं बोलती ट्रेन कांड में गलत फंसीं एक्ट्रेस अंतरा बनर्जी, 400 कॉल्स ने किया परेशान