पंजाब सरकार ने 8,000 से अधिक संविदा बिजली कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की। ऊर्जा मंत्री तरुणप्रीत सोंड ने PSPCL-PSTCL यूनियनों से बैठक की।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने बिजली क्षेत्र में कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने बताया कि इस फैसले से PSPCL और PSTCL में कार्यरत 8,000 से अधिक कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठक
यह जानकारी मंत्री ने PSPCL और PSTCL की विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान दी। बैठक में कोऑर्डिनेशन कमेटी, पावरकॉम ट्रांसको आउटसोर्स्ड यूनियन और आउटसोर्स्ड एम्प्लॉई फेडरेशन के प्रतिनिधि शामिल थे। इस दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण, आउटसोर्स कर्मचारियों को संविदा में बदलने और अन्य लंबित मांगों को उठाया।
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सरकार का पारदर्शी प्रक्रिया का आश्वासन
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। सभी वैध मांगों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए ताकि निर्णयों को जल्द लागू किया जा सके।
PSPCL सीएमडी ने भी दिया भरोसा
PSPCL के सीएमडी डॉ. बसंत गर्ग ने भी यूनियन प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि सभी जायज मांगों का चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा और कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत
अधिकारियों के अनुसार इस निर्णय से बिजली विभाग में कार्यरत हजारों संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी में स्थिरता और बेहतर कार्य परिस्थितियों का लाभ मिलेगा।