Thursday, August 13, 2026

आईएनएस तारागिरी और अरिधमन नौसेना में शामिल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन

by Neha
आईएनएस तारागिरी और अरिधमन नौसेना में शामिल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया उद्घाटन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापत्तनम में आईएनएस तारागिरी और अरिधमन के कमीशनिंग समारोह में हिस्सा लिया। जानें जहाजों की क्षमताएं, हथियार और नौसेना में उनका महत्व।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशाखापत्तनम पहुंचे, जहां उन्होंने आईएनएस तारागिरी और आईएनएस अरिधमन के कमीशनिंग समारोह में हिस्सा लिया। इस अवसर पर भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने उनका स्वागत किया।

आईएनएस अरिधमन: शक्ति का प्रतीक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस कार्यक्रम की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए अरिधमन पनडुब्बी को केवल नाम नहीं बल्कि शक्ति का प्रतीक बताया। आईएनएस अरिधमन अरिहंत श्रेणी की उन्नत पनडुब्बी है, जो अगस्त 2024 में आईएनएस अरिघाट और 2016 में आईएनएस अरिहंत के बाद नौसेना में शामिल हुई। इस पनडुब्बी का शामिल होना भारत की परमाणु त्रिशूल और समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

आईएनएस तारागिरी: आधुनिक फ्रिगेट का परिचय

आईएनएस तारागिरी का शामिल होना विशाखापत्तनम में हुआ, और यह नौसेना की युद्ध क्षमता और परिचालन शक्ति को बढ़ाने की निरंतर कोशिशों का प्रतीक है। प्रोजेक्ट 17ए श्रेणी की चौथी फ्रिगेट, तारागिरी 6,670 टन का आधुनिक जहाज है, जिसे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई में निर्मित किया गया। यह जहाज अपने पूर्ववर्ती डिज़ाइनों की तुलना में तकनीकी रूप से एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है।

तारागिरी का डिज़ाइन स्टील्थ तकनीक पर आधारित है, जिसमें रडार क्रॉस-सेक्शन में कमी और सुव्यवस्थित आकार इसे घातक संचालन में सक्षम बनाता है। जहाज 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है और 200 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के योगदान को दर्शाता है।

also read: बंगाल चुनाव से पहले अमित शाह का बड़ा बयान, TMC को सत्ता…

हथियार और मिशन क्षमताएं

तारागिरी में CODOG प्रणोदन प्रणाली है, जो उच्च गति और लंबी सहनशक्ति दोनों प्रदान करती है। यह फ्रिगेट सुपरसोनिक सतह-से-सतह मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइलें, और स्पेशल एंटी-सबमरीन युद्ध प्रणाली से लैस है। सभी प्रणालियाँ अत्याधुनिक युद्ध प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी हैं, जिससे चालक दल किसी भी खतरों का तत्काल सामना कर सकता है।

इसके अलावा, तारागिरी उच्च-तीव्रता युद्ध, मानवीय सहायता, और आपदा राहत (HADR) मिशनों के लिए भी उपयुक्त है। इसकी लचीली मिशन प्रोफ़ाइल इसे बहुआयामी कार्यों के लिए आदर्श बनाती है।

You may also like

अभिषेक मल्हान बनवाएंगे असम का टूटा हनुमान मंदिर, 20 लाख रुपये से होगा पुनर्निर्माण शादी के 2 साल बाद मां बनने पर बोलीं सुरभि चंदना, मां बनने के लिए Egg Freezing… रेड कार्पेट पर सेल्फी के बहाने निकिता रावल को फैन ने किया जबरन Kiss, वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी शिवांगी जोशी ने रोहित सुचांती को किया था डेट? को-स्टार के दावे से मची हलचल श्रेया कालरा बनीं ‘लॉक अप 2’ की विनर, 7 वोटों से मारी बाजी