Tuesday, August 25, 2026

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे, पीएम मोदी ने बताई इसकी सफलता; करोड़ों लोगों को मिला लाभ

by Versha
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे, पीएम मोदी ने बताई इसकी सफलता; करोड़ों लोगों को मिला लाभ

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के 11 साल पूरे। पीएम मोदी और अमित शाह ने योजना की सफलता बताई, 58 करोड़ से अधिक ऋण वितरित, महिलाओं और युवाओं को मिला बड़ा लाभ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के 11 वर्ष पूरे होने पर इसकी उपलब्धियों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह योजना देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सही अवसर मिलने पर व्यक्ति न केवल खुद को सशक्त बना सकता है, बल्कि देश के विकास में भी योगदान दे सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 वर्षों में इस योजना ने लाखों लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दिया है।

करोड़ों लोगों को मिला बिना गारंटी ऋण

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस योजना की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब तक 40 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 58 करोड़ से ज्यादा ऋण वितरित किए जा चुके हैं। इससे देशभर में छोटे व्यापारियों, स्टार्टअप्स और युवाओं को बड़ा समर्थन मिला है।

उन्होंने कहा कि इस पहल से करीब 12 करोड़ लोगों को लाभ मिला है, जिससे देश में रोजगार सृजन और उद्यमिता को नई दिशा मिली है।

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महिला सशक्तिकरण में बड़ी भूमिका

इस योजना का सबसे बड़ा प्रभाव महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, मुद्रा योजना के तहत दिए गए हर तीन ऋणों में से दो महिलाओं को मिले हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिली है।

योजना की शुरुआत और उद्देश्य

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे व्यवसायों और गैर-कृषि क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को बिना गारंटी आसान ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने कारोबार को शुरू या विस्तार कर सकें।

यह योजना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने पर भी केंद्रित है, जो पहले इससे वंचित थे।

चार श्रेणियों में मिलते हैं ऋण

मुद्रा योजना के तहत अलग-अलग जरूरतों के अनुसार चार श्रेणियों में ऋण दिए जाते हैं:

  • शिशु: 50,000 रुपये तक
  • किशोर: 50,000 से 5 लाख रुपये तक
  • तरुण: 5 लाख से 10 लाख रुपये तक
  • तरुण प्लस: 10 लाख से 20 लाख रुपये तक

इन ऋणों का उपयोग व्यापार, सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों के साथ-साथ डेयरी, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है।

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