Friday, September 11, 2026

राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन पर संसदीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की

by Neha
राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन पर संसदीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन पर संसदीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, अवसंरचना और रक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित संसदीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा, अवसंरचना विकास और परिचालन तत्परता को मजबूत करने वाली पहलों पर चर्चा करना था।

राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद ट्विटर पर कहा कि बैठक में रणनीतिक पहलों, रक्षा तत्परता और अवसंरचना विकास के महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने बताया कि यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा और परिचालन तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी।

इससे पहले, मंगलवार को रक्षा मंत्री ने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाओं के मद्देनजर भारत की रक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, DRDO अध्यक्ष समीर कामत और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे।

also read: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में रामकृष्ण मिशन…

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और भारत पर प्रभाव

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले व्यापार मार्ग बाधित हो गए हैं। 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।

ईरान ने इस कार्रवाई के जवाब में खाड़ी देशों में अमेरिकी और इज़राइली संपत्तियों को निशाना बनाया, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता प्रभावित हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति और इसके भारत पर संभावित प्रभाव पर ध्यान दिलाया। उन्होंने इसे “चिंताजनक” बताया और युद्धग्रस्त क्षेत्र के देशों के साथ भारत के व्यापारिक और ऊर्जा संबंधों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि देश की अधिकांश तेल और गैस की आवश्यकताएं इसी क्षेत्र से पूरी होती हैं, जो भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

You may also like

आम्रपाली दुबे का फूटा गुस्सा, काजी तौकीर से बोलीं- ‘हद में रह तू, जिंदगी हराम कर दूंगी’ मैरी कॉम से भिड़ीं रीति तिवारी, बोलीं- ‘पीठ पीछे बात मत करना’ अरिश्फा खान का फूटा गुस्सा, घरवालों को दी चेतावनी- ‘Gen-Z हूं, ऐसे ट्रीट करो!’ आसिम रियाज का रुबीना-हिना पर बड़ा हमला, विशाल आदित्य सिंह को भी सुनाई खरी-खोटी निक्की-अरबाज ने किया एक-दूसरे को अनफॉलो, शादी से पहले टूटा रिश्ता, चीटिंग वाले पोस्ट ने मचाई हलचल