पंजाब सरकार ने किसानों के लिए सिरहिंद फीडर कैनाल का कंक्रीटकरण और 1×1 मीटर तालाब बनाकर मिट्टी की उर्वरता और भूजल संरक्षण को मजबूत किया।
पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में, राज्य में कृषि स्थिरता और किसानों के कल्याण को बढ़ावा देने के लिए सिंचाई और भूजल संरक्षण पर जोर दे रही है। इसके तहत लंबे समय से प्रतीक्षित सिरहिंद फीडर कैनाल का कंक्रीटकरण किया जा रहा है, जिससे जल प्रबंधन प्रणाली और अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनेगी।
सिरहिंद फीडर कैनाल का आधुनिकीकरण
सिरहिंद फीडर कैनाल का कंक्रीटकरण पानी के रिसाव को कम करने, जल प्रवाह को नियंत्रित करने और किसानों को समय पर सिंचाई उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है। इससे फसल सीज़न के दौरान पानी की कमी की समस्या भी कम होगी और खेतों में स्थिर सिंचाई सुनिश्चित होगी।
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मिट्टी की उर्वरता के लिए छोटे तालाब
किसानों की भूमि की उर्वरता और भूजल स्तर को स्थिर रखने के लिए कैनाल के किनारे 1×1 मीटर के बाड़बंदी वाले छोटे तालाब बनाए गए हैं। ये तालाब मिट्टी में पानी सोखने में मदद करते हैं, जिससे भूजल स्तर संतुलित रहता है और फसल उत्पादन में सुधार होता है।
ਪੰਜਾਬ ਪੱਖੀ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਕੰਮਾਂ ਨੂੰ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਦੀ ਤਰਜੀਹ !!
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਸਰਹਿੰਦ ਫੀਡਰ ਨਹਿਰ ਨੂੰ ਪੱਕਿਆਂ ਕਰਨ ਮੌਕੇ ਉਸਦੇ ਨਾਲ ਲੱਗਦੇ ਖੇਤਾਂ ਦੀ ਮਿੱਟੀ ਦੀ ਉਪਜਾਊ ਸ਼ਕਤੀ ਨੂੰ ਬਰਕਰਾਰ ਰੱਖਣ ਲਈ ਨਹਿਰ ਦੇ ਵਿਚਕਾਰ 1×1 ਮੀਟਰ ਘੇਰੇ ਦੇ ਟੋਏ ਰੱਖੇ ਗਏ ਹਨ ਤਾਂ ਜੋ ਧਰਤੀ ਹੇਠਲੇ ਪਾਣੀ ਦਾ ਪੱਧਰ ਸਥਿਰ ਰਹੇ।
ਧਰਤੀ ਉੱਪਰਲੇ ਪਾਣੀ ਦੇ… pic.twitter.com/pITD15QRx1
— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 2, 2026
सतही जल और भूजल संरक्षण पर ध्यान
पंजाब में कृषि क्षेत्र का मुख्य आधार सतही जल और भूजल है। पंजाब सरकार ने सतही जल संरचना को मजबूत करने और भूजल स्तर को बनाए रखने के लिए कदम उठाए हैं। यह नीति राज्य में कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता और टिकाऊ उत्पादन सुनिश्चित करती है।
किसान-केंद्रित विकास
सिंचाई प्रणाली का आधुनिकीकरण और भूजल संरक्षण के उपाय पंजाब की कृषि स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। पंजाब सरकार का उद्देश्य किसानों के लिए उच्च फसल उत्पादन, बेहतर मिट्टी गुणवत्ता और सतत कृषि विकास सुनिश्चित करना है।