टीबी (Tuberculosis) आज भी दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है। WHO के अनुसार, हर दिन करीब 3,400 लोग टीबी से अपनी जान गंवाते हैं और लगभग 30,000 नए मामले सामने आते हैं। यह एक संक्रामक बीमारी है, जो मायकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया की वजह से होती है।
टीबी का इलाज समय पर शुरू किया जाए तो पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसके कई लेवल और लक्षण इसे पहचानने में मुश्किल बनाते हैं।
टीबी की स्टेज (Stages of TB)
टीबी के तीन मुख्य स्टेज होते हैं:
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एक्सपोजर (Exposure Stage)
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यह शुरुआती स्टेज है, जब टीबी बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करते हैं।
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इम्यून सिस्टम अधिकांश बैक्टीरिया को रोक देता है, लेकिन कुछ बैक्टीरिया छिपे रह जाते हैं।
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लेटेंट टीबी (Latent TB)
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इस स्टेज में बैक्टीरिया शरीर में मौजूद होते हैं, लेकिन सक्रिय नहीं होते।
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कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, पर भविष्य में यह एक्टिव हो सकते हैं।
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एक्टिव टीबी (Active TB)
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इस स्टेज में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ने लगते हैं और लक्षण दिखने लगते हैं।
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यह चरण संक्रामक होता है और खांसने या छींकने से दूसरों तक फैल सकता है।
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इलाज न मिलने पर यह गंभीर और जानलेवा हो सकता है।
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टीबी के आम लक्षण
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लगातार खांसी
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सीने में दर्द
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कमजोरी और थकान
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वजन घटना
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बुखार
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रात में पसीना
टीबी शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकती है। फेफड़े सबसे आम हैं, लेकिन यह लिवर, दिमाग, रीढ़ और त्वचा को भी प्रभावित कर सकती है।
टीबी का इलाज
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मानक इलाज: 6 महीने का एंटीबायोटिक्स कोर्स।
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इलाज न होने पर मौत का खतरा लगभग 50%।
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सही इलाज लेने पर लगभग 85% मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।
मल्टी-ड्रग रेज़िस्टेंट टीबी (MDR-TB)
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जब बैक्टीरिया दवाओं पर प्रतिक्रिया नहीं देते।
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इलाज लंबा और मुश्किल होता है।
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अक्सर इलाज बीच में छोड़ने या गलत तरीके से लेने पर फैलती है।