दिल्ली की एक ताजा स्टडी में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि भारत में यौन गतिविधियों के दौरान प्रदर्शन बेहतर करने के लिए युवा और खासकर कुछ समुदायों से जुड़े लोग तेजी से medicines का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह ट्रेंड अब भारत में भी पश्चिमी देशों की तरह पैर पसारने लगा है और इसे विशेषज्ञों ने ‘केमसेक्स’ (Chemsex) नाम दिया है — यानी, यौन संबंध बनाने से पहले केमिकल ड्रग्स का सेवन करना।
ड्रग्स का इस्तेमाल और उससे जुड़ा खतरा
यौन गतिविधियों के दौरान लोग Methamphetamine (क्रिस्टल मेथ या ‘आइस’) जैसे खतरनाक medicines ले रहे हैं। सर्वे में शामिल 136 लोगों में से 46 ने बताया कि वे सेक्स से पहले ड्रग्स लेते हैं। इनमें से 7 लोग HIV पॉजिटिव पाए गए। इसके अलावा कुछ लोग IV ड्रिप के जरिए ड्रग्स ले रहे थे, जो संक्रमण का जोखिम और बढ़ाता है।
ड्रग्स के कारण बढ़ती बीमारियां
ड्रग्स का सेवन करने वाले लोग न केवल HIV और हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, हृदय रोग, स्ट्रोक, और ब्रेन हैमरेज जैसी समस्याओं का भी सामना कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति भारत में HIV के मामलों को बढ़ा सकती है, जो अब तक नियंत्रण में आ रहे थे।
युवाओं के बीच क्यों बढ़ रही यह प्रवृत्ति?
यह ट्रेंड भारत में बदलती यौन और नशे की सोच को दर्शाता है। युवाओं में प्रदर्शन की चिंता, अवसाद, और जानकारी की कमी इसके पीछे बड़ी वजहें हैं।
भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं
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Sildenafil Citrate (वियाग्रा)
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Tadalafil
हालांकि ये दवाएं यौन शक्ति बढ़ाने में कारगर मानी जाती हैं, लेकिन लंबे समय तक इनके इस्तेमाल से अचानक मृत्यु, हृदय गति रुकना और मानसिक अस्थिरता जैसी गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।
रोकथाम के उपाय क्या हो सकते हैं?
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LGBTQ+ समुदाय के लिए अलग ड्रग डी-एडिक्शन और यौन स्वास्थ्य क्लीनिक की आवश्यकता है।
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सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर संदिग्ध शब्दों की निगरानी बढ़ाई जाए।
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युवाओं को मेंटल हेल्थ और सेक्स एजुकेशन के प्रति जागरूक किया जाए।
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ड्रग्स के नुकसान को लेकर सार्वजनिक अभियान चलाए जाएं।
यह रिसर्च एक गंभीर चेतावनी है कि अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो भारत में यौन स्वास्थ्य और HIV नियंत्रण की दिशा में मिली सफलता खतरे में पड़ सकती है।