Cataracts आंखों की एक गंभीर बीमारी मानी जाती है। पहले यह समस्या केवल बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। आइए जानते हैं विशेषज्ञों से कि यह बीमारी होने के पीछे क्या कारण हैं और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है।
Cataracts एक ऐसी स्थिति है जिसमें आंखों के लेंस पर धुंधलापन आ जाता है, जिससे देखने की क्षमता कमजोर पड़ने लगती है। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो मरीज की आंखों की रोशनी पूरी तरह खत्म हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर बढ़ती उम्र के साथ होती है और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों में इसका खतरा सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि इस उम्र तक आते-आते आंखों के लेंस की कार्यक्षमता घटने लगती है और वह धुंधले पड़ने लगते हैं। हालांकि, इसके और भी कई कारण हो सकते हैं।
डायबिटीज से पीड़ित लोगों में मोतियाबिंद होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। रक्त में शुगर की मात्रा अधिक होने से आंखों के लेंस पर असर पड़ता है और उसकी पारदर्शिता घट जाती है, जिससे Cataracts जल्दी विकसित हो सकता है। इसके अलावा, यदि किसी की आंखों में पहले कभी चोट लगी हो या कोई ऑपरेशन हुआ हो, तो उसमें भी यह बीमारी जल्दी उभर सकती है।
अब सवाल यह है कि किन लोगों को Cataracts का खतरा ज्यादा होता है और इस स्थिति से खुद को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है?