अगर आपके बच्चे को बार-बार पतले दस्त हो रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर सही देखभाल और इलाज से इस समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है। आइए जानें कि Diarrhea बच्चों को क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे निपटें।
बच्चों में Diarrhea क्यों होता है?
Diarrhea यानी पतला या पानी जैसा मल आना बच्चों में आम है, खासकर गर्मी और बरसात में। दूषित खाना, गंदा पानी, गंदे हाथ या बर्तन, साफ-सफाई की कमी, या किसी वायरल-बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण ये समस्या होती है। कई बार नई चीजें खाने या दवाओं की वजह से भी Diarrhea हो सकता है। छोटे बच्चों में दूध न पचने की समस्या (लैक्टोज इन्टॉलरेंस) भी एक कारण हो सकती है।
लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर बच्चा दिन में 3-4 बार से ज्यादा पतले दस्त कर रहा है, शरीर कमजोर दिख रहा है, सुस्ती है या पानी कम पी रहा है, तो ये डिहाइड्रेशन के संकेत हैं। इससे शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की भारी कमी हो सकती है, जो जानलेवा भी बन सकती है।
क्या करें जब बच्चे को Diarrhea हो जाए?
-
ओआरएस का घोल दें: हर दस्त के बाद ओआरएस पिलाएं ताकि शरीर में पानी और नमक की कमी न हो।
-
स्तनपान जारी रखें: छोटे बच्चों को मां का दूध देते रहें। इससे पोषण भी मिलेगा और डिहाइड्रेशन से भी बचाव होगा।
-
हल्का भोजन दें: खिचड़ी, दाल-चावल, केला, सेब की चटनी, दही जैसे हल्के खाने दें। तला-भुना और भारी भोजन न दें।
-
तरल पदार्थ पिलाएं: नारियल पानी, नींबू पानी, सादा पानी लगातार पिलाते रहें।
-
साफ-सफाई रखें: हाथ धोने की आदत डालें, बोतल-बर्तन रोजाना साफ करें और साफ पानी पिलाएं।
नवजात और छोटे बच्चों के लिए विशेष सावधानी
6 महीने से छोटे बच्चों में Diarrhea हो जाए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इनका शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो सकता है और कमजोरी, वजन गिरना, कुपोषण जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
अगर बच्चा बहुत ज्यादा सुस्त हो, बार-बार उल्टी हो रही हो, आंखें धंसी दिखें, पेशाब कम आए या खून के साथ दस्त हो, तो देरी न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही देखभाल और साफ-सफाई की आदतों से बच्चों को डायरिया जैसी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।