पत्रकार सौरभ भारद्वाज ने पश्चिम बंगाल चुनाव में 90 लाख मतदाताओं के हटाए जाने और AITC नेताओं की न्यायिक उलझनों पर लोकतंत्र से जुड़े सवाल उठाए।
पत्रकार सौरभ भारद्वाज ने पश्चिम बंगाल चुनाव प्रक्रिया में चल रहे विवाद को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि AITC (All India Trinamool Congress) के नेता चुनाव प्रचार की बजाय लगातार प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रियाओं में उलझे हुए हैं, जिससे उनका समय जनता तक पहुँचने और वोटरों से संवाद करने में व्यर्थ जा रहा है।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि लगभग 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, और इसके बावजूद AITC सुप्रीम कोर्ट तक जाने का प्रयास कर रही है। पत्रकार ने सवाल उठाया कि क्या सभी राजनीतिक दलों के लिए समान अवसर और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया गया है।
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उन्होंने लिखा कि लोकतंत्र में यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि जनता को अपने अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि यह एक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव की बजाय अनियंत्रित और rigged व्यवस्था का संकेत देता है।
सौरभ भारद्वाज ने X पेज पर कहा कि इस मुद्दे का समाधान समय रहते किया जाना चाहिए, ताकि मतदाता अधिकार सुरक्षित रहें और चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हो सके।
सौरभ भारद्वाज के अनुसार यह मामला न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों के लिए अहम है।