AAP की नेता आतिशी ने कहा कि पार्टी के सदस्य पहले भी अच्छी नौकरियों में थे और अच्छी आय प्राप्त कर रहे थे। वे राजनीति में आने के लिए अपनी नौकरियां छोड़ चुके थे, लेकिन अब वे वापस अपनी पुरानी नौकरियों में लौट जाएंगे।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि देश के गरीबों को पूरा इलाज कौन उपलब्ध कराएगा? हमारे देश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार कौन देगा? यह सिर्फ AAP का मुद्दा नहीं है। हमें क्या फर्क पड़ता है, अगर हम हार गए तो वापस अपनी नौकरियों में लौट जाएंगे। हमने तो अपनी अच्छी नौकरियां छोड़कर राजनीति में कदम रखा था।
गोवा में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आतिशी ने यह बात कही। दरअसल, उन्होंने साउथ गोवा में AAP के नए कार्यालय का उद्घाटन किया। आतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी अपनी नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। जहां तक पार्टी के नेताओं की बात है, वे सभी बड़ी नौकरियां छोड़कर राजनीति में आए थे और जरूरत पड़ी तो वे वापस अपनी नौकरियों में लौट जाएंगे।
मडगांव में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के दौरान आतिशी ने कहा कि हम गोवा और गुजरात में अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं और अब तक किसी भी गठबंधन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 में गोवा के लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाने के लिए मतदान किया था, जबकि कांग्रेस ने 11 सीटें जीती थीं, लेकिन बाद में उसके आठ विधायक भाजपा में शामिल हो गए।
आतिशी ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ तीन विधायकों के साथ मुख्य विपक्षी दल बनी हुई है, जबकि आम आदमी पार्टी के दो विधायक हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब 2022 में आप के दो उम्मीदवार चुनाव जीतकर आए, तो यह अफवाह थी कि वे दो महीने भी पार्टी में नहीं टिकेंगे। लेकिन आज भी वे पार्टी के साथ खड़े हैं क्योंकि उनका मकसद राजनीति से पैसा कमाना नहीं है।
जब आतिशी से पूछा गया कि क्या AAP समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन में दिलचस्पी नहीं रखती, तो उन्होंने जवाब दिया कि जब 11 में से 8 विधायक भाजपा में शामिल हो जाते हैं, तो समान विचारधारा जैसी कोई चीज नहीं रह जाती। उन्होंने कहा कि आप ने दिखाया है कि उनके दो विधायक अब भी पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हैं, जबकि भाजपा ने उन्हें भी अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश की। लेकिन आप ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती, जहां चुनाव जीतना और पैसा कमाना ही मुख्य उद्देश्य हो। उनकी प्राथमिकता जनता की सेवा करना है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हार पर बोलते हुए आतिशी ने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि AAP का क्या होगा, बल्कि यह है कि दिल्ली के लोगों का भविष्य क्या होगा। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पहले ही ऐलान कर चुकी है कि 250 मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए जाएंगे और मुफ्त दवा योजना समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अरविंद केजरीवाल पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि अगर आप हारी, तो बिजली कटौती शुरू हो जाएगी और सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था फिर से बिगड़ने लगेगी, और यह सब अब हो भी रहा है।
दिल्ली चुनाव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें धांधली, सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और मतदाताओं को डराने जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसा चुनाव पहले कभी नहीं हुआ, लेकिन इसके बावजूद भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच महज दो प्रतिशत वोटों का अंतर रहा। आतिशी ने भाजपा पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने दिल्ली की महिलाओं को 2,500 रुपये देने का जो वादा किया था, उसे अब तक पूरा नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कि 8 मार्च को महिला दिवस के मौके पर महिलाओं के बैंक खातों में पहली किस्त भेजी जाएगी, लेकिन अब तक न तो कोई किस्त आई है और न ही इस योजना के लिए पंजीकरण शुरू हुआ है। इससे साफ है कि भाजपा अपने वादों को निभाने के मूड में नहीं है।