उत्तर प्रदेश में ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून, 2025’ से ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को मिलेगा नया दिशा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी अहमियत बताई।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून, 2025’ की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून ग्रामीण भारत के विकास और रोजगार सृजन के लिए ऐतिहासिक कदम साबित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी बुनियादी ढांचा और आजीविका सुनिश्चित करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि इस अधिनियम के तहत रोजगार की गारंटी अब 125 दिन तक बढ़ाई गई है। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक होगा और समय पर भुगतान न होने पर अतिरिक्त मुआवजा व ब्याज दिया जाएगा। इसके अलावा, खेती के मौसम में श्रमिकों की कमी से बचने के लिए राज्य सरकारों को कार्य स्थगित करने का अधिकार मिलेगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कानून पारदर्शिता और डिजिटल मॉनिटरिंग पर आधारित है। बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी और मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग के जरिए सीधे भुगतान किया जाएगा, जिससे फर्जी नामों पर भुगतान का खेल पूरी तरह बंद होगा। ग्राम पंचायतें जल संरक्षण, सड़क निर्माण, चेक डैम, ओपन जिम, खेल मैदान और बाजार जैसी टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण कर सकेंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि कानून के तहत छह माह में अनिवार्य सोशल ऑडिट, समयबद्ध शिकायत निवारण और जिला लोकपाल व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। केंद्र और राज्य की साझेदारी 60:40 के अनुपात में होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से राज्यों को मनरेगा की तुलना में लगभग 17 हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त संसाधन मिल सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कैबिनेट का आभार जताते हुए कहा कि हर पात्र को समय पर काम, हर गांव में टिकाऊ परिसंपत्तियां और हर श्रमिक के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत राजग के अन्य नेता भी मौजूद रहे।