उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई दिशा: 15 जनवरी तक तैयार होगी एकीकृत ट्रेकिंग नीति

उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को नई दिशा: 15 जनवरी तक तैयार होगी एकीकृत ट्रेकिंग नीति

उत्तराखंड सरकार 15 जनवरी तक एकीकृत ट्रेकिंग नीति तैयार करेगी, नई चोटियां खोली जाएंगी और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

उत्तराखंड सरकार राज्य में ट्रेकिंग, पर्वतारोहण और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत ट्रेकिंग नीति तैयार करने जा रही है। इस नीति का प्रारूप 15 जनवरी तक अंतिम रूप देकर शासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

सचिवालय में आयोजित ईको टूरिज्म की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नीति को व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के लिए निजी हितधारकों से संवाद किया जाए।

ट्रेकिंग के लिए खुलेंगी नई चोटियां, जल्द जारी होगी SOP

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में ट्रेकिंग को बढ़ावा देने के लिए नई चोटियों को खोले जाने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके लिए पर्यावरण ऑडिट सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इस संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) शीघ्र जारी की जाएगी।

ईको टूरिज्म के लिए 10 स्थलों की बनेगी कार्ययोजना

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसे स्थलों की पहचान की जाए, जहां ईको सिस्टम विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

मुख्य सचिव ने जबरखेत मॉडल को अन्य चिन्हित क्षेत्रों में लागू करने पर जोर दिया और निर्देश दिए कि 10 चयनित स्थलों की कार्ययोजना एक माह के भीतर तैयार कर शासन को भेजी जाए।

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ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को किया जाएगा सशक्त

वन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के संचालन के लिए बेहतर व्यवस्था बनाने पर भी बल दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि इन गतिविधियों की जिम्मेदारी ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड को दी जा सकती है।

उन्होंने बोर्ड को मजबूत करने, मैनपावर बढ़ाने और बजट प्रावधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बोर्ड के लिए नया हेड खोलने और ग्रांट की व्यवस्था करने को भी कहा गया। ईको टूरिज्म स्थलों के संचालन के लिए जल्द ही एमओयू किया जाएगा।

चौरासी कुटी का जल्द होगा जीर्णोद्धार

राजाजी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत स्थित चौरासी कुटी के जीर्णोद्धार कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए। कार्यदायी संस्था के लिए समय-सीमा तय करने पर जोर दिया गया।

पर्यटन प्रशिक्षण और प्रमाणन पर भी फोकस

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि ईको टूरिज्म से संबंधित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक हर महीने आयोजित की जाए। साथ ही प्रदेशभर में पर्यटन के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू कर प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र दिए जाएं।

प्रशिक्षण और प्रमाणन की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंपने तथा इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग से सुझाव लेने की भी बात कही गई।

बैठक में सचिव दीपेंद्र कुमार चौधरी, पीसीसीएफ रंजन कुमार मिश्रा, सीसीएफ ईको टूरिज्म पीके पात्रो और अपर सचिव हिमांशु खुराना मौजूद रहे।

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