पीएम मोदी ने सैन्य धाम का लोकार्पण क्यों टाला? मंत्री गणेश जोशी ने बताई असली वजह

पीएम मोदी ने सैन्य धाम का लोकार्पण क्यों टाला? मंत्री गणेश जोशी ने बताई असली वजह

उत्तराखंड में सैन्य धाम का लोकार्पण पीएम मोदी ने क्यों नहीं किया? मंत्री गणेश जोशी ने कारण बताया—लिफ्ट का काम बाकी, साथ ही भ्रष्टाचार के आरोपों से बढ़ी चर्चा।

उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में सैन्य धाम का लोकार्पण शामिल नहीं होने पर कई सवाल उठे। अब राज्य के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने इस मामले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है और बताया है कि आखिर क्यों पीएम मोदी ने सैन्य धाम का उद्घाटन नहीं किया।

सैन्य धाम का लोकार्पण नहीं होने से बढ़े सवाल

राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर जहां 8261 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ, वहीं पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले पांचवें धाम—सैन्य धाम का लोकार्पण सूची में शामिल नहीं था। 2021 में प्रधानमंत्री ने इस धाम की घोषणा की थी और 2022 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिलान्यास किया था। अब धाम लगभग तैयार माना जा रहा है।

RTI कार्यकर्ता के आरोपों ने बढ़ाई चर्चा

लोकार्पण टलने की एक प्रमुख वजह बताते हुए खबर सामने आई कि RTI कार्यकर्ता और अधिवक्ता विकेश नेगी ने पीएम को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि सैन्य धाम परियोजना में वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए हैं। उन्होंने मांग की थी कि लोकार्पण से पहले CBI जांच कराई जाए। इससे परियोजना को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई थी।

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मंत्री गणेश जोशी का बयान — “लिफ्ट लगना बाकी है”

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने साफ किया कि लोकार्पण टलने का सीधा कारण तकनीकी है। उन्होंने कहा -“धाम में अभी लिफ्ट लगना बाकी है। बाकी काम पूरा है। लिफ्ट का टेंडर जारी हो चुका है। जैसे ही लिफ्ट लग जाएगी, सैन्य धाम का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।” इस बयान से यह संकेत मिलता है कि उद्घाटन अब जल्द ही किसी नई तारीख पर संभव है।

भाजपा का बयान – पीएम की समय-सारणी भी बनी वजह

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि सैन्य धाम प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से बन रहा है।
उन्होंने बताया -“पीएम के समय की बाध्यता और कुछ फाइनल कार्यों के अधूरे रहने के कारण लोकार्पण नहीं हो सका। जल्द नई तारीख तय की जाएगी।”

कांग्रेस का आरोप – “पूरी दाल काली है”

वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए तीखा हमला बोला। प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा -“ये वही धाम है जिसकी तारीख बार-बार बदली गई। करोड़ों खर्च हो गए पर काम अभी भी अधूरा है। PM ने उद्घाटन नहीं किया, इससे साफ है कि सिर्फ दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल काली है।”

अब नजरें अगली तारीख पर टिकीं

फिलहाल सभी की नजरें इस पर हैं कि सैन्य धाम का लोकार्पण कब होगा और क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
धाम का उद्देश्य उत्तराखंड के वीर सैनिकों के सम्मान में एक भव्य स्मारक स्थापित करना है—इसलिए इसका उद्घाटन राजनीतिक और सामाजिक, दोनों रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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