Saturday, August 15, 2026

उत्तराखंड: सभी मदरसों और अल्पसंख्यक स्कूलों में लागू होगा बोर्ड का पाठ्यक्रम, धामी सरकार का बड़ा फैसला

by Neha
उत्तराखंड: सभी मदरसों और अल्पसंख्यक स्कूलों में लागू होगा बोर्ड का पाठ्यक्रम, धामी सरकार का बड़ा फैसला

उत्तराखंड सरकार ने सभी मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया। सीएम धामी ने कहा, इससे छात्रों को आधुनिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद होगी।

उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के सभी मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में अब उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड (Uttarakhand Board) का पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य अल्पसंख्यक छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़कर उन्हें आधुनिक, रोजगारोन्मुख और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

छात्रों को मिलेगी बेहतर शिक्षा और तकनीकी ज्ञान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मदरसों और अल्पसंख्यक स्कूलों में विज्ञान, गणित, भाषा, सामाजिक विज्ञान और तकनीकी विषयों का समावेश होगा। इससे विद्यार्थी न केवल उच्च शिक्षा के लिए तैयार होंगे, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। धामी ने शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।

also read: उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में…

विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर कार्यक्रम

विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार हमेशा छात्र हितों को प्राथमिकता देती रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया गया है, जिससे सभी बच्चों को समान और समावेशी शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

समान नागरिक संहिता (UCC) का भी उल्लेख

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC) के क्रियान्वयन का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि यह कदम उत्तराखंड में सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। UCC से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त होंगे और समाज में समरसता बढ़ेगी।

अल्पसंख्यक छात्रों को प्रोत्साहन राशि

सीएम धामी ने मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना का भी जिक्र किया। इसके तहत अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर देना है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन कदमों से अल्पसंख्यक समाज का शैक्षिक स्तर सुधरेगा और प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

You may also like

‘KISS करनी पड़ेगी’, रेमो डिसूजा के सामने मजबूर हुईं शक्ति मोहन, राघव जुयाल संग रोमांस पर सालों बाद खुलासा ‘महंगे बैग और गाड़ियों से कोई सेलिब्रिटी नहीं बनता’ – हिना खान पर अर्शी खान का बड़ा हमला अभिषेक मल्हान बनवाएंगे असम का टूटा हनुमान मंदिर, 20 लाख रुपये से होगा पुनर्निर्माण शादी के 2 साल बाद मां बनने पर बोलीं सुरभि चंदना, मां बनने के लिए Egg Freezing… रेड कार्पेट पर सेल्फी के बहाने निकिता रावल को फैन ने किया जबरन Kiss, वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी