उत्तराखंड कैबिनेट ने मंजूरी दी ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किए 8 अहम निर्णय, जिसमें शिक्षा सुधार, जल शुल्क और औद्योगिक नीतियां शामिल।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत महाराष्ट्र में हुए विमान हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन के साथ हुई। इस दौरान कैबिनेट ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया।
सीएम धामी ने कहा कि अजित पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के कल्याण के लिए हमेशा सद्भावना, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की।
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कैबिनेट के मुख्य निर्णय
कैबिनेट बैठक में कुल आठ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया:
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चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग: पांच साल सेवा पूरी करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को आपसी सहमति से जिला स्तर पर तबादले का अवसर मिलेगा।
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राजस्व विभाग: भूमि अधिग्रहण के अलावा सीधे मालिक से जमीन खरीदी जा सकेगी। पराग फार्म की सिडकुल को दी गई जमीन को अन्य को बेचने या पट्टे पर देने की अनुमति नहीं होगी, केवल सब-लीज की अनुमति रहेगी।
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जनजाति कल्याण: देहरादून, उधमसिंह नगर सहित चार जिलों में जनजातीय कल्याण अधिकारी के पद स्वीकृत।
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जल मूल्य प्रभार: उत्तराखंड में गैर-कृषि उपयोग वाली जमीनों और औद्योगिक इकाइयों, आवासीय सोसाइटी में भूमिगत जल के व्यावसायिक इस्तेमाल पर शुल्क लागू होगा।
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शैक्षणिक सुधार: उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन, जीआरडी उत्तराखंड विश्वविद्यालय बनेगा। संशोधन अगले बजट सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
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हवाई पट्टियों का समन्वय: चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी को संयुक्त रूप से रक्षा मंत्रालय को देने की सहमति।
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ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026: उत्तराखंड में ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई। नीति के तहत सब्सिडी और अन्य फैसलों की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में की जाएगी।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विकास नीति और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन को प्राथमिकता दी जाएगी।
उत्तराखंड सरकार की यह पहल राज्य को स्वच्छ ऊर्जा और हरित उद्योग की दिशा में अग्रसर करने में मदद करेगी।