वन आरक्षी परीक्षा-2013 में अनियमितता, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ जांच और मुकदमे की दी मंजूरी

वन आरक्षी परीक्षा-2013 में अनियमितता, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ जांच और मुकदमे की दी मंजूरी

उत्तराखंड में वन आरक्षी परीक्षा-2013 और कालागढ़ टाइगर रिजर्व अवैध निर्माण मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ जांच और मुकदमे की मंजूरी दी।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजाजी टाइगर रिजर्व और कार्बेट टाइगर रिजर्व में वन आरक्षी परीक्षा-2013 और अवैध निर्माण मामलों में पूर्व आईएफएस अधिकारियों के खिलाफ फिर से जांच और मुकदमे की मंजूरी दी है।

मामला कालागढ़ टाइगर रिजर्व प्रभाग के पाखरो में अवैध निर्माण से जुड़ा है, जिसमें वन विभाग के अधिकारियों की भूमिका और कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। सीबीआई ने भी इस मामले में जांच की है।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सेवानिवृत्त आईएफएस एचके सिंह के खिलाफ जांच की जाए। जांच अधिकारी के रूप में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव रंजन कुमार मिश्रा और प्रस्तुतकर्ता अधिकारी के रूप में डीएफओ वैभव कुमार नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा, तत्कालीन डीएफओ अखिलेश तिवारी के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी भी दी गई है।

ईडी की कार्रवाई

जुलाई 2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), देहरादून ने विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के समक्ष धन शोधन निवारण अधिनियम-2002 (PMLA) के तहत तत्कालीन प्रभागीय वनाधिकारी किशन चंद, रेंजर बृज बिहारी शर्मा, डीएफओ अखिलेश तिवारी और रेंजर मथुरा सिंह मावड़ी के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की थी।

ये कार्रवाई वन आरक्षी परीक्षा और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और उत्तराखंड के वन्यजीव रिजर्व के संरक्षण को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।

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