उत्तराखंड प्रवासी सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- प्रवासी उत्तराखंडवासी राज्य की ताकत हैं, जो निवेश, विकास और युवाओं को प्रोत्साहित कर रहे हैं। सम्मेलन में प्रवासियों ने राज्य निर्माण में योगदान की सराहना की।
उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी देहरादून में आयोजित प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन में देश और विदेश से आए प्रवासी उत्तराखंडवासियों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन में प्रवासियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रवासी भाई-बहन राज्य के सच्चे ब्रांड एंबेसडर हैं, जो अपनी मेहनत, प्रतिभा और संस्कारों से उत्तराखंड का नाम पूरे विश्व में रोशन कर रहे हैं।
प्रवासियों ने सराहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास
कार्यक्रम में प्रवासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य के सर्वांगीण विकास, निवेश को बढ़ावा देने, युवाओं को प्रोत्साहित करने और पलायन रोकने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की खुले तौर पर सराहना की। प्रवासियों ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में उत्तराखंड ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और प्रवासियों के सहयोग से यह गति और तेज हुई है।
प्रवासियों से राज्य निर्माण में सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी उत्तराखंडवासियों के अनुभव और संसाधनों को राज्य निर्माण में साझेदार बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रवासी उत्तराखंडवासियों को सम्मानित किया जाता है, जिससे उनमें अपने गृह प्रदेश के प्रति लगाव और सहभागिता की भावना और मजबूत हुई है।
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उन्होंने यह भी कहा कि कई प्रवासी अपने गांवों को गोद लेकर वहां सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं और जल संरक्षण परियोजनाओं में सहयोग कर रहे हैं। साथ ही, प्रवासी युवा आज राज्य के युवाओं को स्टार्टअप्स और उद्यमिता के क्षेत्र में मार्गदर्शन और सहायता प्रदान कर रहे हैं, जिससे आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
रिवर्स माइग्रेशन और सतत विकास का मॉडल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उत्तराखंड में आज कई लोगों ने शहरों से वापस अपने गांव लौटकर स्वरोजगार और नए विकास मॉडल स्थापित किए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड रिवर्स माइग्रेशन और सतत विकास का राष्ट्रीय उदाहरण बनेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और अनुभव साझा करना
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और देशों से आए प्रवासियों ने अपने अनुभव साझा किए और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया। इसके साथ ही, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिली।