मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: नए भारत की कार्यसंस्कृति में ‘प्रगति’ मॉडल बना मिसाल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: नए भारत की कार्यसंस्कृति में ‘प्रगति’ मॉडल बना मिसाल

उत्तर प्रदेश में ‘प्रगति’ मॉडल ने शासन की कार्यशैली और अनुमतियों की प्रक्रिया बदल दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह तकनीक-आधारित पोर्टल राज्य की विकास गति और रोजगार सृजन को नई दिशा दे रहा है।

उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक कार्यशैली में बदलाव का प्रतीक बन चुका ‘प्रगति’ मॉडल अब केवल एक समीक्षा तंत्र नहीं, बल्कि नए भारत की कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (PRAGATI) ने राज्य की सोच, कार्यशैली और नतीजों को पूरी तरह बदल दिया है।

पूर्व में फाइलों में अटकी योजनाएं, लंबित अनुमतियां और विभागों के बीच तालमेल की कमी उत्तर प्रदेश की पहचान बन गई थीं। लेकिन ‘प्रगति’ पोर्टल ने इन समस्याओं को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास, पांच कालिदास मार्ग में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित यह मॉडल साबित करता है कि जब दृढ़ इच्छाशक्ति, तकनीकी साधन और जवाबदेही एक मंच पर मिलती हैं, तो परिणाम अपने आप सामने आते हैं।

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प्रगति से डिजिटल गवर्नेंस और समयबद्ध विकास

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि डिजिटल गवर्नेंस और सहकारी संघवाद की मदद से जटिल परियोजनाओं को भी समय पर पूरा किया जा सकता है। प्रगति मॉडल ने उत्तर प्रदेश को देश का इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन बना दिया है। राज्य में वर्तमान में 10.48 लाख करोड़ रुपये की 330 परियोजनाओं का सबसे बड़ा इन्फ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो है। इनमें से 2.37 लाख करोड़ की 128 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 8.11 लाख करोड़ रुपये की 202 परियोजनाएं तय समय-सीमा में पूरी होने की प्रक्रिया में हैं।

सभी विभागों का समन्वय और अनुमतियों में तेजी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रगति पोर्टल के जरिए राजस्व, वन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर विकास सहित सभी विभाग एक ही मंच पर बैठकर निर्णय ले रहे हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि अनुमतियों और स्वीकृतियों में अभूतपूर्व तेजी आई है। यूपी अब ‘बाटलनेक’ राज्य नहीं, बल्कि ‘ब्रेकथ्रू’ राज्य बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तर प्रदेश अब केवल फैसिलिटेटर नहीं, बल्कि एक्सेलेरेटर की भूमिका निभा रहा है। प्रगति जैसे तकनीक-आधारित प्लेटफॉर्म ने टीम इंडिया स्पिरिट को मजबूती दी है और विकास के साथ रोजगार सृजन को नई गति दी है।” इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना भी मौजूद थे।

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