Saturday, April 18, 2026

कालाबाजारी पर योगी सरकार का डिजिटल हमला, GPS से डिपो से दुकान तक हर बोरी पर नजर

by Neha
कालाबाजारी पर योगी सरकार का डिजिटल हमला, GPS से डिपो से दुकान तक हर बोरी पर नजर

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में PDS को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए GPS ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया। डिपो से दुकान तक हर बोरी पर डिजिटल निगरानी, कालाबाजारी और चोरी पर रोक।

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए योगी सरकार ने एक नई डिजिटल क्रांति शुरू की है। अब प्रदेश में खाद्यान्न की चोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण पाने के लिए पूरे सप्लाई चेन में GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया गया है।

प्रदेश भर में 5,000 से अधिक वाहनों को GPS डिवाइस से लैस किया गया है, जिससे डिपो से कोटेदार की दुकान तक हर बोरी की आवाजाही पर रियल-टाइम नजर रखी जा रही है। इससे न केवल बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है, बल्कि गरीबों को उनका राशन सही समय पर और पूरी मात्रा में मिल रहा है।

खरीफ 2025-26 में धान और मोटे अनाज की निगरानी

खरीफ विपणन सत्र 2025-26 में धान और मोटे अनाज की खरीद के दौरान भी सख्त निगरानी लागू की गई है। प्रदेश के सभी क्रय केन्द्रों से राइस मिलों तक 3,773 वाहनों में GPS इंस्टॉल किया गया। इसके अलावा मक्का, ज्वार और बाजरा के लिए 1,428 वाहनों में भी GPS से ट्रैकिंग शुरू की गई। इससे सरकारी खरीद से लेकर भंडारण डिपो तक की पूरी सप्लाई चेन पारदर्शी हो गई है।

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सिंगल-स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी मॉडल

उत्तर प्रदेश में ब्लॉक गोदामों की व्यवस्था समाप्त कर सिंगल-स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी मॉडल लागू किया गया है। अब भारतीय खाद्य निगम के डिपो से सीधे उचित दर दुकानों तक राशन पहुंचता है। यह पूरी प्रक्रिया ई-टेंडर के माध्यम से नियुक्त ठेकेदारों द्वारा संचालित होती है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। GPS ट्रैकिंग के साथ यह मॉडल जन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की रीढ़ बन गया है।

GPS निगरानी से सुरक्षित और निर्बाध वितरण

वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित लाभार्थियों को 8.03 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न और मोटे अनाज आवंटित किए गए हैं। अंत्योदय योजना के तहत 36,850.35 मीट्रिक टन चीनी का वितरण भी GPS निगरानी के साथ किया गया। इस प्रणाली के कारण लाभार्थियों तक राशन बिना चोरी, कटौती और समय पर पहुंच रहा है।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने यह संदेश दिया है कि अब सरकारी राशन रास्ते में गायब नहीं होगा। तकनीक के सहारे निगरानी और पारदर्शिता ने यह साबित किया कि स्मार्ट सिस्टम और मजबूत इच्छाशक्ति से खाद्यान्न चोरी जैसे पुराने संकट को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।

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