यूपी सरकार ने आउटसोर्सिंग नौकरियों में बड़ा बदलाव किया, तीसरी-चौथी श्रेणी के पदों के लिए अब इंटरव्यू नहीं होगा। मिशन महिला सशक्तिकरण के तहत विधवा, तलाकशुदा महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता।
उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्सिंग नौकरियों के चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब तीसरी और चौथी श्रेणी के पदों के लिए इंटरव्यू की आवश्यकता नहीं होगी। चयन पूरी तरह से लिखित परीक्षा और अन्य मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने लिया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित चयन सुनिश्चित होगा।
आउटसोर्स सेवा निगम का गठन, महिला उम्मीदवारों को मिलेगी प्राथमिकता
यूपी सरकार ने आउटसोर्सिंग की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए यूपी आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के आदेश जारी किए हैं। इस निगम के बोर्ड में मुख्य सचिव, सचिव, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। आउटसोर्सिंग एजेंसियां चयनित कार्मिकों की सूची यूपी सरकार के पोर्टल यूपीकॉस को भेजेंगी। इसके अलावा, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को तीसरी और चौथी श्रेणी की नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी।
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भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा होगी अनिवार्य
आगे बढ़ते हुए, अब आउटसोर्स नौकरियों में भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। चयन प्रक्रिया में पारिवारिक आय, अभ्यर्थी की आयु, शैक्षिक योग्यता और स्थानीय स्तर पर पद की आवश्यकता को भी ध्यान में रखा जाएगा। साथ ही, पहले से काम कर रहे कर्मचारियों को पुनः चयनित नहीं किया जाएगा, और नियमित कर्मचारियों की जगह आउटसोर्स कर्मी नियुक्त नहीं किए जाएंगे।
सेवायोजक विभाग के पोर्टल से होगी आवेदन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी, जहां सेवायोजक विभाग द्वारा रजिस्टर्ड उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। चयनित अभ्यर्थियों को आउटसोर्सिंग एजेंसियां प्लेसमेंट लेटर जारी करेंगी। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी।
यूपी में बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण के लिए बोर्ड और कमेटी का गठन
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सचिव, महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, दो कार्यकारी निदेशक और दो जनरल मैनेजर शामिल होंगे। इसके साथ ही, अन्य संस्थाओं की मॉनिटरिंग के लिए एक कमेटी भी गठित की जाएगी, ताकि आउटसोर्सिंग सेवा निगम की कार्यक्षमता और निगरानी सुनिश्चित हो सके।