UP NEWS : महाकुंभ के आयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होने की संभावना है।

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UP NEWS : महाकुंभ के आयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि होने की संभावना है।

UP NEWS : केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में 1028 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें मुंशी पुलिया और खुर्रमनगर फ्लाईओवर का उद्घाटन शामिल है। पॉलीटेक्निक-मुंशी पुलिया 4-लेन फ्लाईओवर पर 170 करोड़ रुपये और इंदिरानगर-खुर्रमनगर-कल्याणपुर फ्लाईओवर पर 270 करोड़ रुपये की लागत आई है।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2027 तक यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर दिए गए जोर को याद किया और बताया कि 2014-2024 के बीच 28.52 लाख करोड़ रुपये का निवेश इस क्षेत्र में किया गया, जो 2004-2014 के दौरान केवल 1.78 लाख करोड़ था।

लखनऊ में बढ़ते यातायात को देखते हुए नए हाईवे और फ्लाईओवर आवश्यक थे। उन्होंने कहा कि शहर को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे और व्यापार केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। साथ ही, लखनऊ मेट्रो के नए चारबाग-बसंतकुंज रूट के प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा गया है, जिस पर जल्द काम शुरू होगा।

इसके अलावा, शहर में 104 किमी आउटर रिंग रोड, 15 फ्लाईओवर और अंडरपास बन चुके हैं, और लखनऊ-कानपुर हाईवे का 6-लेन कार्य पूरा हो चुका है। आगामी 3 महीनों में 67 किमी लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा मात्र 40 मिनट में संभव होगी।

गोमती नगर रेलवे स्टेशन के साथ कई अन्य रेलवे स्टेशनों का नवीनीकरण किया गया है, लखनऊ एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है और हवाई पट्टी को 700 मीटर तक बढ़ाया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा बढ़ेगी।

केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा और वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे लखनऊ और उत्तर प्रदेश की आर्थिक वृद्धि को भी गति मिली है। इस विकास के कारण रियल एस्टेट, वेयरहाउसिंग, होटल उद्योग और चिकित्सा सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में कई नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, और ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण का उद्घाटन मई-जून में किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा घोषित स्टेट कैपिटल रीजन से आर्थिक प्रगति को और बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने भारत को विश्वगुरु बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि वॉटर, पावर, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन बुनियादी ढांचे के विकास से देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि खराब बुनियादी ढांचे से लॉजिस्टिक लागत बढ़ती है, जिससे उद्योगों का निवेश प्रभावित होता है। भारत में लॉजिस्टिक लागत 16% है, जिसे अगले दो वर्षों में 9% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे निर्यात में वृद्धि होगी और करोड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से बदल रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कृषि, उद्योग और व्यापार में पूंजी निवेश बढ़ाया जा रहा है। अगले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अमेरिका से बेहतर होगा, जिससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी और राज्य के व्यापार व उद्योगों को लाभ मिलेगा। प्रयागराज महाकुंभ से ही राज्य की जीडीपी में 3 लाख करोड़ रुपये का योगदान हुआ है, जिससे होटल, टैक्सी और रेस्तरां उद्योगों को बढ़ावा मिला है।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को नवीनतम जर्मन तकनीक (AIMGC) से बनाया गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता की तत्काल पहचान हो सकती है। इसका उद्घाटन अगले चार महीनों में प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के विकास के लिए अब तक 1.25 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि 1.50 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और इतनी ही राशि की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। वाराणसी-कोलकाता और गोरखपुर-सिलीगुड़ी हाईवे पर भी जल्द कार्य शुरू होगा।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई नई परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनमें आगरा-अलीगढ़, रायबरेली-जौनपुर, बरेली बाईपास, मुंगराबादशाहपुर बाईपास, प्रयागराज-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर और यमुना पर नया नैनी पुल शामिल हैं। सीआरएफ योजना के तहत विभिन्न सड़क और पुल परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनका कार्य उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम को सौंपा गया है।

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने घोषणा की कि इंजीनियरिंग कॉलेज फ्लाईओवर को इस वित्तीय वर्ष में मंजूरी मिलेगी। साथ ही, लखनऊ रिंग रोड के अंतर्गत सीतापुर रोड और सुल्तानपुर रोड से अयोध्या रोड को जोड़ने वाले किसान पथ के 10 किमी लंबे 2-लेन मार्ग के लिए डीपीआर तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश को ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करने के लिए 70 हजार करोड़ रुपये की लागत से 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। इनमें से प्रमुख हैं:

  • वाराणसी-कोलकाता (620 किमी, 6-लेन) एक्सप्रेस-वे – दिसंबर 2027 तक पूरा होगा।
  • भोपाल-कानपुर (440 किमी, 6-लेन) इकोनॉमिक कॉरिडोर – दिसंबर 2026 तक तैयार होगा।
  • दिल्ली-देहरादून (216 किमी) हाईवे – अगले 2-3 महीनों में उद्घाटन होगा।
  • आगरा-ग्वालियर (90 किमी) हाईवे – 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन।
  • रायबरेली-प्रयागराज हाईवे (3200 करोड़ रुपये) – पूरा हो चुका है।
  • गाजीपुर-माझीघाट-बलिया (135 किमी) ग्रीनफील्ड हाईवे – दिसंबर 2025 तक पूर्ण होगा।

इसके अलावा, 6 ग्रीनफील्ड रिंग रोड परियोजनाओं को 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी मिली है, जिनमें कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रतापगढ़ शामिल हैं।

धार्मिक और सांस्कृतिक विकास के तहत:

  • ब्रज 84 कोसी परिक्रमा (4500 करोड़ रुपये) की डीपीआर तैयार है, जल्द निर्माण शुरू होगा।
  • श्रीराम वनगमन मार्ग (अयोध्या से चित्रकूट, 11 हजार करोड़ रुपये) – 2026 तक पूरा होगा।
  • श्रीराम जानकी मार्ग (अयोध्या से जनकपुर, नेपाल, 15 हजार करोड़ रुपये) – 2028 तक पूर्ण होगा।
  • बुद्ध सर्किट (22 हजार करोड़ रुपये) के तहत सारनाथ, बोधगया, नालंदा, कुशीनगर, कपिलवस्तु और श्रावस्ती मार्ग 4-लेन किए गए हैं।
  • उत्तर प्रदेश में 5 हजार करोड़ रुपये की लागत से 16 रोप-वे मंजूर किए गए हैं, जिनमें वाराणसी, प्रयागराज, वृंदावन, सहारनपुर और महोबा शामिल हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ को आधुनिक शहर बनाने के लिए 1000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं दी गई हैं, जिनमें राष्ट्रीय राजमार्ग की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण और 600 करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन शामिल है।

डबल इंजन सरकार लखनऊ को मेट्रो शहर के रूप में विकसित कर रही हैकिसान पथ, इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ग्रीन कॉरिडोर और इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का विकास तेजी से हो रहा है। एयरो सिटी और एआई सिटी परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के लिए किए गए कार्य:

  • 50 करोड़ श्रद्धालु एक माह में स्नान कर चुके हैं
  • रेलवे और एयर कनेक्टिविटी मजबूत की गई है (40 रेगुलर फ्लाइट्स संचालित)।
  • प्रयागराज रिंग रोड, लखनऊ-रायबरेली-प्रयागराज 6-लेन कनेक्टिविटी, और फ्लाईओवरों का निर्माण किया गया है
  • महाकुंभ आयोजन के लिए सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी

डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर, धार्मिक स्थलों और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ 2025 के महत्व को देखते हुए 22 जनवरी 2025 को त्रिवेणी संगम में सामूहिक रूप से आस्था की डुबकी लगाई। प्रयागराज में शास्त्री ब्रिज के समानांतर एक नया ब्रिज और नैनी में यमुना नदी पर सिग्नेचर ब्रिज के समानांतर एक और ब्रिज की आवश्यकता महसूस की गई। यहां प्रत्येक वर्ष माघ स्नान, हर 6 वर्ष पर कुंभ और 12 वर्ष पर महाकुंभ का आयोजन होता है, जिससे पर्यटन और विकास को बढ़ावा मिलता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाकुंभ 2025 में 50-55 करोड़ लोग शामिल होंगे, जिससे उत्तर प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अनुमान है कि महाकुंभ से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ होगा। आयोजन पर 6,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिनमें से 1,500 करोड़ रुपये महाकुंभ के आयोजन और शेष प्रयागराज के विकास में लगे हैं।

यदि इस आयोजन से राज्य को 3 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ मिलता है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो यह उत्तर प्रदेश की जनता और ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश एक ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है

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