UP NEWS : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी के उद्घाटन से संबंधित लंबे भाषण का प्रस्तुत किया गया है:
डिफेंस फैसिलिटी का उद्घाटन
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लखनऊ में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन हुआ।
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इस परियोजना की स्थापना ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत के तहत की गई।
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टाइटेनियम और सुपर एलॉय मटेरियल प्लांट सहित 7 अन्य रक्षा उत्पादन इकाइयों की नींव भी रखी गई।
महत्वपूर्ण अवसर और योगदान
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उद्घाटन नेशनल टेक्नोलॉजी डे (11 मई) के अवसर पर हुआ, जो पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ है।
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राजनाथ सिंह ने कहा, यह दिन लखनऊ, उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक है।
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उन्होंने डीआरडीओ, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सराहना की।
ब्रह्मोस की अहमियत
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ब्रह्मोस विश्व की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है।
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यह केवल एक हथियार नहीं, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
डिफेंस कॉरिडोर की भूमिका
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उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट, आगरा और अलीगढ़ शामिल हैं।
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अब तक 180 MOU पर हस्ताक्षर और ₹34,000 करोड़ के निवेश प्रस्तावित हैं।
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₹4,000 करोड़ का निवेश हो चुका है।
वैश्विक डिफेंस मार्केट और आत्मनिर्भरता
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भारत अब आयात पर निर्भर नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादों के निर्यातक के रूप में उभर रहा है।
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वैश्विक सैन्य व्यय $2,718 बिलियन (2024) हो चुका है – भारत को इसका लाभ उठाना है।
रोजगार और MSME का योगदान
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ब्रह्मोस फैसिलिटी से 500 प्रत्यक्ष और 1000 अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
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इस फैसिलिटी के साथ MSME इकाइयों का भी विकास होगा।
आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई – ‘ऑपरेशन सिंदूर’
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भारत ने आतंकवाद के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचे को नष्ट किया।
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यह ऑपरेशन भारत की सैन्य, राजनीतिक और सामाजिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है।
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भारत की रणनीति स्पष्ट है – आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस।
🗣 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वक्तव्य
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उत्तर प्रदेश अब डिफेंस ग्रोथ इंजन के रूप में उभर रहा है।
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रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया की भावना को साकार कर रहा है।
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प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के मार्गदर्शन में राज्य तेजी से डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग का हब बन रहा है।