विंध्य और बुंदेलखंड में हर घर तक नल से शुद्ध जल पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री योगी ने 15 दिसंबर 2025 तक की डेडलाइन तय की। जानें योजना की पूरी जानकारी।
उत्तर प्रदेश सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों में हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 दिसंबर 2025 तक लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक पेयजल योजना नहीं, बल्कि जन स्वास्थ्य, महिला गरिमा और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा बड़ा मिशन है।
हर घर तक नल कनेक्शन और थर्ड पार्टी ऑडिट अनिवार्य
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि तय समयसीमा के भीतर न सिर्फ हर घर में नल कनेक्शन लगाए जाएं, बल्कि सभी कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट भी पूरा कर लिया जाए। इसके साथ ही फेज-2 और फेज-3 की ऐसी परियोजनाएं जो 90% तक पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें भी 15 दिसंबर तक फेज-1 की तरह पूरी कर लिया जाए। वहीं 75% तक पूर्ण कार्यों का समापन मार्च 2026 तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
90 हजार करोड़ से अधिक की जल परियोजनाओं पर काम जारी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत राज्य में कुल ₹90,223 करोड़ लागत की परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इनमें से 63 सतही जल स्रोत और 548 भूजल स्रोत आधारित योजनाएं शामिल हैं। अब तक 85,364 गांवों के 1.98 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है, और 34,274 गांवों में नियमित रूप से जलापूर्ति हो रही है।
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गुणवत्ता और समयसीमा पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि “गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” बैठक में नमामि गंगे, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, जल निगम और विभिन्न निर्माण एजेंसियों जैसे L&T, मेघा इंजीनियरिंग, PNC इंफ्राटेक, पॉवर मैक, कल्पतरु प्रोजेक्ट्स आदि के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने इन एजेंसियों से फील्ड में आ रही चुनौतियों, भुगतान, बकाया और कार्य की गुणवत्ता पर विस्तार से चर्चा की।
मिशन की अवधि बढ़ाने पर केंद्र में विचार, लेकिन राज्य करेगा कार्य जारी
अधिकारियों ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार जल जीवन मिशन की समयसीमा को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने और परियोजना लागत में वृद्धि पर विचार कर रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से कार्य जारी रखेगी, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे।
शिकायत निवारण के लिए पोर्टल और हेल्पलाइन सक्रिय
बैठक में यह भी बताया गया कि https://jalsamadhan.in नामक पोर्टल को अब तक 13.5 करोड़ बार देखा जा चुका है। इस पोर्टल पर 62,688 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 46,354 का निस्तारण हो चुका है। साथ ही, टोल फ्री नंबर 1800-121-2164 के माध्यम से भी ग्रामीण अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।