मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047’ कार्यशाला के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं और दावे किए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था आज पहले से कहीं अधिक मज़बूत हो चुकी है, और प्रदेश ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर विदेशी आयात, विशेषकर चीन से आने वाले सामान पर निर्भरता घटा दी है।
उत्तर प्रदेश की जीडीपी 3 गुना, प्रति व्यक्ति आय में भारी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश की GDP ₹12.36 लाख करोड़ थी, जो 2024 के अंत तक ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने वाली है। यही नहीं, राज्य की प्रति व्यक्ति आय ₹45,000 से बढ़कर ₹1.2 लाख हो गई है। उन्होंने इसे प्रदेश की मजबूत आर्थिक नीति और प्रभावी योजनाओं का परिणाम बताया।
विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047 में आम जनता की भागीदारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047’ का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 मिशन के अनुरूप है। उन्होंने प्रदेशवासियों से QR कोड स्कैन करके इस योजना में अपने सुझाव देने की अपील की, जिससे आम लोग भी विकास की प्रक्रिया में भागीदार बन सकें।
ODOP योजना बनी गेम चेंजर, चीन के सामान की छुट्टी
मुख्यमंत्री योगी ने “एक जिला, एक उत्पाद (ODOP)” योजना को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर करार दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश के कारीगरों और शिल्पियों को न केवल सम्मान मिला, बल्कि तकनीक और बाज़ार तक सीधी पहुंच भी मिली है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले दीपावली पर चीन के सजावटी सामानों का बोलबाला होता था, लेकिन अब स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए गए 25 लाख दीयों से अयोध्या का दीपोत्सव सजाया जा रहा है। “अब दीपावली पर चीन का सामान बाजार से गायब हो गया है,” – सीएम योगी आदित्यनाथ
MSME और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आज 96 लाख MSME इकाइयां कार्यरत हैं और प्रदेश का वार्षिक निर्यात ₹2 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है। इसके अलावा, 77 स्थानीय उत्पादों को GI टैग भी मिल चुका है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पहचान मिली है।
पंच प्रण के साथ आगे बढ़ेगा यूपी
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा बताए गए ‘पंच प्रण’ को याद दिलाया और कहा कि गुलामी की मानसिकता का अंत, विरासत का सम्मान, सैनिकों के प्रति कृतज्ञता, जाति-वाद से ऊपर उठकर एकता, नागरिक कर्तव्यों का पालन — इन सिद्धांतों के साथ प्रदेश को समतामूलक और आत्मनिर्भर समाज बनाना है।