यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 16-17 अप्रैल को रद्द, गड़बड़ी और अवैध धन वसूली के आरोपों के बाद सरकार ने नई परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया।
यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस फैसले की जानकारी खुद दी। यह परीक्षा 16 और 17 अप्रैल को प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, परीक्षा में अनियमितताओं और अवैध धन वसूली के संकेत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। जांच एजेंसी एसटीएफ को मामले में गंभीर गड़बड़ी के सुराग मिले थे। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि कुछ लोगों ने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर उन्हें अनुचित लाभ दिलाने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की बेईमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योग्य उम्मीदवारों के अधिकारों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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राज्य सरकार ने राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को नई तारीखों पर पूर्ण पारदर्शिता और कड़ी निगरानी के साथ आयोजित किया जाए। नई परीक्षा की तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
इस परीक्षा में लगभग 1.14 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। परीक्षा के तुरंत बाद कुछ केंद्रों से अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं, जिसके बाद जांच शुरू की गई। छात्रों और अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही—कुछ को यह झटका लगा, वहीं कई ने सरकार के इस कदम का समर्थन किया और कहा कि अगर परीक्षा में गड़बड़ी हुई है, तो इसे रद्द करना ही सही फैसला है।