Pregnancy में की गई ये पांच गलतियां बच्चे की विकास प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

Pregnancy में की गई ये पांच गलतियां बच्चे की विकास प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।

Pregnancy में शरीर को अधिक आराम की आवश्यकता होती है। इस समय छोटी-छोटी गलतियां भी बहुत बड़ा नुकसान कर सकती हैं। मां नीचे बताई गई पांच गलतियों से बचकर स्वस्थ बच्चा दे सकती है। इसके लिए सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली दोनों आवश्यक हैं।

हर महिला का जीवन में प्रेगनेंसी एक बहुत महत्वपूर्ण और भावुक समय होता है। इस दौरान बच्चे के विकास पर मां की हर एक आदत, खानपान और दिनचर्या सीधा असर डालती है। महिलाएं अक्सर अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठती हैं जो उनके गर्भ में पल रहे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को खराब कर सकती हैं। ऐसे में Pregnancy के दौरान इन आम लेकिन घातक आदतों से बचना महत्वपूर्ण है।

Pregnancy में महिला के शरीर को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है क्योंकि वह अपने लिए और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भोजन कर रही है। महिलाएं अक्सर खाने-पीने में लापरवाही करती हैं या भूख लगने पर आवश्यक पोषक तत्वों को अनदेखा करती हैं। इससे बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है, क्योंकि उसे फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम और विटामिन नहीं मिलते। प्रेगनेंसी में संतुलित आहार लें, जिसमें दूध, दाल, ड्राई फ्रूट्स, हरी सब्जियां, फल और फोलिक एसिड से भरपूर भोजन शामिल होना चाहिए। समय-समय पर अपने चिकित्सक से आहार के बारे में सलाह लेते रहें।

Pregnancy में शरीर को अधिक आराम की जरूरत होती है, इसलिए नींद पूरी नहीं लेना चाहिए। हार्मोनल असंतुलन और बच्चे का विकास प्रभावित हो सकता है अगर मां की नींद पूरी नहीं होती। नींद की कमी से मां को थकान, ब्लड प्रेशर की समस्या और चिड़चिड़ापन भी हो सकता है। दिन में कम से कम 8 से 9 घंटे की नींद जरूर लें और हल्का-फुल्का आराम भी करें। स्क्रीन टाइम कम करें और सोने का समय नियमित रखें।

तनाव और चिंता: मां और गर्भस्थ शिशु दोनों को लगातार तनाव या चिंता से नुकसान होता है। तनाव से शरीर में कोर्टिसोल नामक हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जो बच्चे के मस्तिष्क के विकास को बाधित कर सकता है। पसंदीदा संगीत सुनना, हल्का योग, अच्छी किताबें पढ़ना या मेडिटेशन करना तनाव कम कर सकता है। जरूरतमंद हो तो काउंसलिंग या पारिवारिक सपोर्ट लें।

धूम्रपान, शराब या नशे की लत से पीड़ित एक महिला का बच्चे पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इससे शिशु का वजन कम हो सकता है, समय से पहले प्रसव हो सकता है या अक्सर गर्भपात हो सकता है। धूम्रपान करने वालों के आसपास रहने से भी सेकेंड हैंड स्मोक का खतरा बढ़ जाता है। गर्भावस्था में नशे और धूम्रपान से दूर रहें।

Pregnancy में डॉक्टर से नियमित जांच करवाना और आवश्यक सप्लीमेंट्स जैसे आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड लेना बहुत महत्वपूर्ण है। इनकी अनदेखी बच्चे के अंगों का विकास और जन्म के समय जटिलताओं को जन्म दे सकती है। नियमित रूप से अपने डॉक्टर द्वारा निर्धारित सप्लीमेंट्स और दवाएं लें, और हर महीने अपनी जांच करवाना न भूलें।

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