Saturday, April 18, 2026

बच्चों के लिए Malaria की पहली दवा को मिली मंजूरी, जल्द अफ्रीकी देशों में होगा इसका उपयोग शुरू

by editor
बच्चों के लिए Malaria की पहली दवा को मिली मंजूरी, जल्द अफ्रीकी देशों में होगा इसका उपयोग शुरू

अब तक Malaria के इलाज में बच्चों के लिए अलग से कोई दवा नहीं थी, इसलिए उन्हें वयस्कों की दवाएं दी जाती थीं, जिससे डोज़ को लेकर कई बार दिक्कतें आती थीं। लेकिन अब इस स्थिति में बदलाव आया है। पहली बार नवजात और छोटे बच्चों (4.5 किलो से कम वजन वाले) के लिए विशेष रूप से तैयार की गई Malaria की दवा को उपयोग के लिए मंजूरी मिल गई है। यह दवा जल्द ही Malaria प्रभावित अफ्रीकी देशों में उपलब्ध कराई जाएगी।

हर साल लाखों मौतों से जूझता है अफ्रीका

Malaria , जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है, दुनियाभर में गंभीर स्वास्थ्य संकट बना हुआ है। 2023 में Malaria से 5.97 लाख मौतें दर्ज की गई थीं, जिनमें से अधिकांश अफ्रीकी देशों में और 75% मौतें पांच साल से कम उम्र के बच्चों में हुईं। ऐसे में यह नई दवा एक बड़ी राहत बन सकती है।

 बच्चों के लिए बनी पहली Malaria दवा

स्विट्ज़रलैंड की हेल्थ अथॉरिटी ने इस दवा को हरी झंडी दे दी है। नोवार्टिस द्वारा विकसित इस दवा का नाम Coartem Baby रखा गया है, जिसे कुछ देशों में Riamet Baby के नाम से भी जाना जाएगा। खास बात यह है कि यह दवा नॉन-प्रॉफिट मॉडल पर गरीब और ज़रूरतमंद देशों में उपलब्ध कराई जाएगी।

कई अफ्रीकी देशों में हुआ ट्रायल

इस दवा के ट्रायल्स में आठ अफ्रीकी देशों ने भाग लिया था। अब इन्हीं देशों में सबसे पहले इसका इस्तेमाल किया जाएगा। दवा को खासतौर पर नवजात और छोटे बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि उन्हें सुरक्षित और प्रभावी उपचार मिल सके।

स्वास्थ्य जगत से सकारात्मक प्रतिक्रिया

नोवार्टिस के CEO वास नरसिम्हन ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि कंपनी पिछले 30 वर्षों से Malaria उन्मूलन पर काम कर रही है। वहीं, MMV संस्था के CEO मार्टिन फिटचेट ने कहा कि यह दवा मलेरिया के इलाज के विकल्पों को बढ़ाएगी और इसके उन्मूलन की दिशा में मददगार साबित होगी।

सार्वजनिक स्वास्थ्य में बड़ा कदम

Coartem Baby को बिना मुनाफा कमाए उपलब्ध कराना वैश्विक स्वास्थ्य समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह न केवल मेडिकल साइंस की बड़ी जीत है, बल्कि इससे लाखों बच्चों की जान बचाई जा सकती है। मलेरिया जैसी घातक बीमारी को खत्म करने की दिशा में यह दवा एक मजबूत और निर्णायक कदम मानी जा रही है।

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