इंग्लैंड में टी20 सीरीज हार के बाद टीम इंडिया पर उठे सवाल, असिस्टेंट कोच ने बताई विदेशी पिचों की कमजोरी

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज हार के बाद रेयान टेन डोएशे ने टीम इंडिया की कमजोरियों पर बात की।

इंग्लैंड टी20 सीरीज में हार के बाद टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशे ने विदेशी पिचों पर प्रदर्शन सुधारने की जरूरत बताई।

इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में लगातार हार के बाद टीम इंडिया के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम को पहले आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा और अब इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में भी टीम पिछड़ गई है। इस खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशे ने टीम की कमजोरियों पर खुलकर बात की है।

उन्होंने माना कि भारतीय टीम को विदेशी परिस्थितियों में अपने प्रदर्शन को सुधारने की जरूरत है और खिलाड़ियों को यह साबित करना होगा कि वे सिर्फ घरेलू मैदानों पर ही नहीं, बल्कि दुनिया की मुश्किल पिचों पर भी जीत हासिल कर सकते हैं।

विदेशी पिचों पर प्रदर्शन सुधारना सबसे बड़ी चुनौती

इंग्लैंड के खिलाफ चौथे  टी20 सीरीज मुकाबले में भारत को 9 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेयान टेन डोएशे ने कहा कि टीम को परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना सीखना होगा।

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उन्होंने कहा कि भारतीय टीम घरेलू मैदानों पर शानदार प्रदर्शन करती है, लेकिन विदेशी पिचों और अलग परिस्थितियों में खिलाड़ियों को संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेशी धरती पर बेहतर प्रदर्शन करके अंडरअचीवर का टैग हटाना है।

टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी पर भी दिया जोर

असिस्टेंट कोच ने भविष्य में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम की रणनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को यह समझना होगा कि आने वाले समय में ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बड़े टूर्नामेंट खेलने हैं, जहां की पिचें भारतीय परिस्थितियों से काफी अलग होती हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या टीम सिर्फ भारत की बल्लेबाजी के अनुकूल पिचों पर बड़े स्कोर बनाने वाली टीम बनना चाहती है या फिर ऐसी मजबूत टीम बनना चाहती है जो मैनचेस्टर, साउथम्प्टन और मेलबर्न जैसे मुश्किल मैदानों पर भी शानदार प्रदर्शन कर सके।

सीरीज की तैयारी के लिए नहीं मिला पर्याप्त समय

रेयान टेन डोएशे ने यह भी माना कि खिलाड़ियों को इंग्लैंड सीरीज के लिए पर्याप्त तैयारी का समय नहीं मिला। उनके अनुसार, किसी भी विदेशी दौरे से पहले टीम को कम से कम 10 से 15 दिन की तैयारी की जरूरत होती है, लेकिन लगातार मुकाबलों के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।

उन्होंने कप्तान श्रेयस अय्यर की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारियों के साथ तालमेल बैठाने के लिए समय देना होगा।

बुमराह और हार्दिक की वापसी से उम्मीदें

असिस्टेंट कोच ने उम्मीद जताई कि अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी से टीम इंडिया को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों के आने से टीम के प्रदर्शन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

फिलहाल टीम इंडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेशी परिस्थितियों में अपनी क्षमता साबित करना और लगातार मिल रही हार से वापसी करना है।

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