पंजाब के पर्यटन मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। भाई जैता जी स्मारक विवाद पर स्पष्टीकरण दिया और भविष्य में सिख मर्यादा के सख्त पालन का संकल्प लिया।
पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड सोमवार को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित हुए और जत्थेदार साहिब द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में अपने विभाग की ओर से औपचारिक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उन्होंने श्रद्धा और विनम्रता का परिचय देते हुए नंगे पैर श्री दरबार साहिब जाकर दीक्षा ली और इसके पश्चात श्री अकाल तख्त साहिब में मत्था टेका।
मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में सिंह साहिबान के समक्ष विभागीय पक्ष रखा। कार्यवाही समाप्त होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और सिंह साहिबान के प्रत्येक आदेश को वे ईश्वरीय निर्देश मानते हैं, जिसका पालन सभी के लिए अनिवार्य है।
भाई जैता जी स्मारक से जुड़े विवाद पर दिया स्पष्टीकरण
मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर पंजाब सरकार द्वारा श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी स्मारक का निर्माण कराया गया था। स्मारक में लगी एक तस्वीर को लेकर जत्थेदार साहिब द्वारा आपत्ति जताई गई थी, जिसके बाद उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब में तलब किया गया।
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तरुणप्रीत सिंह सोंड ने स्पष्ट किया कि जत्थेदार साहिब की आपत्ति के अनुरूप संबंधित तस्वीर को उसी दिन संशोधित कर दिया गया था, फिर भी विभागीय जिम्मेदारी के तहत उन्होंने स्वयं उपस्थित होकर औपचारिक स्पष्टीकरण देना उचित समझा।
सिख मर्यादा के सख्त पालन के निर्देश
मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड के अनुसार, सिंह साहिबान ने स्पष्टीकरण सुनने के बाद निर्देश दिए कि भविष्य में विभाग द्वारा किए जाने वाले सभी कार्यों में सिख धार्मिक मर्यादा और परंपराओं का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि गुरुओं और शहीदों की गरिमा और सम्मान से किसी भी स्थिति में समझौता न किया जाए।
इसके अतिरिक्त, सिंह साहिबान ने विभाग को सलाह दी कि गुरमत विचारधारा के जानकार विद्वान की नियुक्ति की जाए, ताकि धार्मिक विषयों से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो।
मुख्यमंत्री को दी जाएगी जानकारी
मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने कहा कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को दी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में जानबूझकर या अनजाने में ऐसी कोई गलती न हो। उन्होंने बताया कि विभाग पहले ही निर्देश जारी कर चुका है कि धार्मिक कार्यक्रमों या परियोजनाओं से पहले एसजीपीसी और श्री अकाल तख्त साहिब से मार्गदर्शन लेना अनिवार्य होगा, जिससे सिख परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे।