हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पानीपत, सोनीपत और करनाल के कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व परामर्श बैठक में कहा कि पानीपत बुनकरों का ऐतिहासिक शहर होने के साथ-साथ भविष्य में एक वैश्विक वस्त्र और खाद्य प्रसंस्करण केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि पानीपत में अंतरराष्ट्रीय स्तर का वस्त्र संस्थान स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 10 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा आत्मनिर्भर वस्त्र नीति की वैधता अब 18 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। नीति के तहत अब तक 354 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 367 करोड़ रुपये के अनुदान स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच-एफ विजन—खेत से रेशा, रेशा से कारखाना, कारखाना से फैशन और फैशन से विदेश—के अनुरूप हरियाणा पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पानीपत को एक प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाओं का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सेतु का काम कर रहा है, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ रहा है और कृषि को लाभदायक व्यवसाय में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
also read: हरियाणा सरकार स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय…
हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के सहयोग से नई मशीनरी और प्रशिक्षण हेतु सब्सिडी प्रदान करने की योजना बनाई है। 2025-26 के बजट में महिला श्रमिकों के कौशल विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि महिलाएं डिज़ाइनिंग और प्रबंधन में भी सक्रिय हो सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पानीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद मिलकर हरियाणा को वैश्विक निर्यात केंद्र बनाने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर रसायन-मुक्त और प्राकृतिक रंगों वाले वस्त्रों की मांग बढ़ रही है, और पानीपत जिले की यह दिशा में अग्रणी भूमिका हो सकती है।
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने चार प्रमुख अवसंरचना योजनाओं के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी, एकीकृत कोल्ड चेन और मिनी फूड पार्क जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को विकसित करने के अपार अवसर मौजूद हैं।
सैनी ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ताओं के कारण उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। हरियाणा सरकार इस क्षेत्र में निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य की असली ताकत औद्योगिक संघों और नीति निर्माताओं के बीच मजबूत सेतु बनाने में है। उद्योग संघों के सुझाव और मार्गदर्शन हरियाणा की औद्योगिक नीतियों और विकास योजनाओं के लिए निर्णायक होंगे।
हरियाणा सरकार की यह पहल पानीपत को वैश्विक वस्त्र और खाद्य प्रसंस्करण केंद्र बनाने और राज्य की औद्योगिक क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।