राजस्थान कैबिनेट ने वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, एआई-एमएल पॉलिसी-2026 और ग्रीन क्रेडिट योजना को मंजूरी दी। पचपदरा रिफाइनरी की संशोधित लागत 79,459 करोड़ रुपये स्वीकृत।
राजस्थान मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी। इसमें वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025, राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026, ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 और पचपदरा रिफाइनरी की संशोधित लागत को स्वीकृति शामिल है।
राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि यह नीति प्रदूषणकारी, अनुपयोगी और पुराने वाहनों को वैज्ञानिक, सुरक्षित और पर्यावरणीय मानकों के अनुसार हटाने और नष्ट करने के लिए लाई गई है। नीति के तहत आरवीएसएफ (Registered Vehicle Scrapping Facilities) की स्थापना को बढ़ावा दिया जाएगा।
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15 वर्ष से पुराने वाहन, फिटनेस/पंजीकरण रहित वाहन, दुर्घटनाग्रस्त वाहन, नीलामी में खरीदे गए कबाड़ वाहन आदि स्क्रैप किए जा सकते हैं।
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वाहन स्वामियों को Certificate of Deposit (COD) और Certificate of Vehicle Scrapping (CVS) जारी किया जाएगा।
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COD के आधार पर नए वाहन की खरीद पर मोटर वाहन कर में 50% तक छूट (अधिकतम 1 लाख रुपये) मिलेगी।
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स्क्रैपिंग से प्राप्त धातु और अन्य सामग्री का पुनः उपयोग ऑटोमोबाइल, स्टील और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में किया जाएगा।
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पंजीकृत स्क्रैपिंग यूनिट्स के लिए प्रोत्साहन
नीति के तहत शुरुआती 20 इकाइयों को पूंजी निवेश पर सब्सिडी, राज्य कर में छूट, ब्याज अनुदान, स्टाम्प ड्यूटी और विद्युत शुल्क में रियायत दी जाएगी। साथ ही, स्क्रैपिंग एवं रिसाइक्लिंग से जुड़े स्टार्टअप्स को राजस्थान स्टार्टअप पॉलिसी के तहत समर्थन मिलेगा।
राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी-2026
एआई-एमएल नीति का उद्देश्य नैतिक, उत्तरदायी और सुरक्षित उपयोग के जरिए प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, नवाचार-आधारित आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को तेज करना है। नीति में:
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डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
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एआई प्रणालियों में पक्षपात कम करना और निर्णय प्रक्रिया पारदर्शी बनाना
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एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
ग्रीन क्रेडिट योजना
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि स्थानीय निकायों और निवेशकों को हरित एवं टिकाऊ परियोजनाओं के लिए आर्थिक प्रोत्साहन देने हेतु ग्रीन क्रेडिट वाउचर इनिशिएटिव-2025 को मंजूरी मिली। इससे पर्यावरणीय लक्ष्यों को आर्थिक लाभ के साथ जोड़ा जाएगा और सर्कुलर इकॉनॉमी को बढ़ावा मिलेगा।
पचपदरा रिफाइनरी की संशोधित लागत
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि पचपदरा में निर्माणाधीन 9 मिलियन मैट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाली रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना की संशोधित लागत अब 79,459 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। अतिरिक्त 565.24 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा इक्विटी अंश पूंजी के रूप में निवेश किए जाएंगे।