यूपी दिवस 2026: योगी सरकार के पौने 9 साल में उत्तर प्रदेश ने बीमारू राज्य से विकास के मॉडल तक का सफर तय किया। जानें पूरी रिपोर्ट।
हर साल 24 जनवरी को मनाया जाने वाला उत्तर प्रदेश दिवस केवल राज्य के गठन की याद नहीं दिलाता, बल्कि यह आकलन करने का भी अवसर देता है कि प्रदेश ने बीते वर्षों में कितनी दूरी तय की है। एक समय था जब उत्तर प्रदेश को देश के बीमारू राज्यों की सूची में गिना जाता था, लेकिन आज वही प्रदेश विकास, निवेश और कानून-व्यवस्था के नए मानक स्थापित करता दिखाई दे रहा है।
2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर और तकदीर
साल 2017 में जब योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली, तब उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 12.88 लाख करोड़ रुपये की थी। बीते पौने नौ वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। सरकार ने 2029-30 तक यूपी को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया है।
कानून-व्यवस्था से शुरू हुआ भरोसे का पुनर्निर्माण
योगी सरकार ने सत्ता में आते ही कानून-व्यवस्था सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माफिया राज, संगठित अपराध और दंगों की राजनीति से जूझ रहे प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई।
पुलिस सुधार, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और अवैध संपत्तियों की जब्ती ने न सिर्फ अपराध पर लगाम लगाई, बल्कि आम नागरिकों और निवेशकों में सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत किया। बड़े दंगों पर प्रभावी नियंत्रण और अपराध दर में गिरावट ने सामाजिक माहौल को बदला है। महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से भी प्रदेश की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से विकास को मिली रफ्तार
उत्तर प्रदेश की पिछड़ी छवि के पीछे कमजोर बुनियादी ढांचा भी एक बड़ी वजह रहा है। योगी सरकार ने इस कमी को दूर करने के लिए एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को विकास की रीढ़ बनाया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं ने कनेक्टिविटी को बेहतर किया और औद्योगिक विकास के नए रास्ते खोले। इसके साथ ही एयरपोर्ट विस्तार और नए हवाई अड्डों ने यूपी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई।
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निवेश और औद्योगीकरण से बदली पहचान
सुधरी कानून-व्यवस्था और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का सीधा असर निवेश माहौल पर पड़ा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए उत्तर प्रदेश को निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, डेटा सेंटर, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर्स में बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए। डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना से लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा और अलीगढ़ जैसे शहर नए औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने लगे, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली नई ताकत
प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका अहम रही है। योगी सरकार ने किसानों की स्थिति सुधारने के लिए सिंचाई परियोजनाओं, फसल बीमा और गन्ना भुगतान पर विशेष ध्यान दिया। समय पर भुगतान से ग्रामीण इलाकों में नकदी प्रवाह बढ़ा। इसके साथ ही डेयरी, मत्स्य पालन और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देकर कृषि आधारित रोजगार को नई दिशा मिली।
सामाजिक योजनाएं और पारदर्शी शासन का प्रभाव
योगी सरकार के कार्यकाल में केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। आवास योजना, उज्ज्वला योजना, शौचालय निर्माण और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचा। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भ्रष्टाचार पर नियंत्रण हुआ और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी। इस नई शासन शैली ने उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक संस्कृति को नई दिशा दी।
यूपी दिवस पर विकास का नया संदेश
यूपी दिवस 2026 पर उत्तर प्रदेश की यात्रा यह दर्शाती है कि सही नीति, सख्त प्रशासन और दीर्घकालिक दृष्टि से कोई भी प्रदेश अपनी पहचान बदल सकता है। बीमारू राज्य से आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश आज विकास, निवेश और सुशासन का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रहा है।