जेपी नड्डा ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सत्ताधारी दलों पर सोने और संसाधनों की लूट का आरोप लगाया। जानें उनकी अपील और चुनाव पृष्ठभूमि।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में सत्ताधारी दलों पर तीखे हमले बोलते हुए उन पर पिछले 15 वर्षों में देश की संपत्ति और पवित्र सोने की लूट करने का आरोप लगाया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे 9 अप्रैल 2026 को होने वाले केरल विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी को जनादेश दें।
भीड़ को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा, “हमें सत्ता में लाएं और हम उन सभी दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलवाएंगे। पिछले पंद्रह सालों से इन्होंने देश के सोने तक को नहीं बख्शा है।”
नड्डा ने आरोप लगाया कि “तथाकथित ‘यूनाइटेड समूह’ जनता, धन और राष्ट्र के पवित्र सोने को भी लूट रहे हैं। इनके कृत्यों से आम नागरिकों और राष्ट्रीय संसाधनों को भारी नुकसान हुआ है।” उन्होंने मतदाताओं को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो भ्रष्टाचार और लूट में शामिल सभी व्यक्तियों और दलों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
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केरल विधानसभा चुनाव 2026 की पृष्ठभूमि
केरल में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का लक्ष्य सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को सत्ता से हटाना है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च को घोषणा की कि केरल विधानसभा चुनाव 2026 एक ही चरण में 9 अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में एलडीएफ ने 99 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी, जबकि यूडीएफ को 41 सीटें मिली थीं। एनडीए को कुल वोटों का 11.4 प्रतिशत मिला, लेकिन वह एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो पाया। 2021 में CPI(M) सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जिसके बाद INC और CPI ने क्रमशः 21 और 17 सीटें जीतीं। यूडीएफ की प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने 15 सीटें हासिल की थीं।