चंपावत के माता रणकोची मंदिर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ₹170 करोड़ की 20 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर आस्था और पर्यटन को बढ़ावा दिया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में चंपावत के माता रणकोची मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के बाद उन्होंने कुल ₹170.15 करोड़ की 20 बड़ी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम न केवल आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि स्थानीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ।
आस्था और विकास का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत माता रणकोची मंदिर में पूजा-अर्चना और कलश यात्रा से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय लोगों के साथ संवाद कार्यक्रम में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि चंपावत केवल धार्मिक आस्था की भूमि नहीं है, बल्कि यहां संस्कृति और इतिहास की गहरी जड़ें भी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर का विकास केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का भी प्रयास है।
20 बड़ी विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास
लोकार्पण के लिए 9 परियोजनाएं:
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घटोत्कच मंदिर परिसर की बाहरी दीवार और दो कक्षों का निर्माण व सौंदर्यीकरण
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लोहाघाट के पास सांस्कृतिक मंच का निर्माण
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टनकपुर में सैनिक विश्राम गृह का विकास
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पूर्णागिरी धाम टुन्या में पार्किंग क्षेत्र का निर्माण
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रीठा साहिब चंपावत में कार पार्किंग
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विभिन्न मोटर मार्गों का पुनर्निर्माण और सुधार
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पचेश्वर के खिड़ी गांव से धौनी शिलिंग तक नया मोटर मार्ग निर्माण
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शिलान्यास के लिए 11 परियोजनाएं:
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ग्रामीण मोटर मार्गों का विकास
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सरयू नदी के किनारे ग्लैम्पिंग साइट का निर्माण
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टनकपुर में नया राज्य अतिथि गृह
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कई पुलों का निर्माण
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आंतरिक सड़कों का सुधार
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पर्यटन केंद्र और सेवा भवनों का निर्माण
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माता रणकोची मंदिर के पुनर्निर्माण सहित पर्यटन सुविधाओं का विकास
सरकार की विकास दृष्टि: जनता से संवाद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित कर स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुना और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे संस्कृति संरक्षण, विकास और भागीदारी के संकल्प को मजबूत रखें।
माता रणकोची मंदिर और पर्यटन संभावनाएं
पहले ही ₹4.57 करोड़ की राशि मंदिर के संरचनात्मक सुधार और पर्यटन सुविधाओं के लिए स्वीकृत हो चुकी थी। इसका उद्देश्य मंदिर को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना और चंपावत की पहचान को बढ़ावा देना है।
संदेश क्या है?
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चंपावत का विकास केवल सड़क और भवन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कृति, आस्था और स्थानीय जीवन से जुड़ा है। उन्होंने आस्था और विकास को साथ चलाने, नशामुक्त देवभूमि और उन्नत सामाजिक संरचना के महत्व पर जोर दिया।