राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र 2026 में भारत की आर्थिक प्रगति, सुरक्षा और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया।
संसद के बजट सत्र 2026 के उद्घाटन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में भारत की आर्थिक प्रगति, राष्ट्रीय सुरक्षा और समावेशी विकास पर जोर दिया। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर का हवाला देते हुए कहा कि “आजादी तब तक अधूरी है जब तक आत्मनिर्भर जीवन नहीं जिया जाए।”
पिछले दशक में आर्थिक प्रगति
राष्ट्रपति मुर्मू ने बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि महंगाई दर को नियंत्रित रखा गया है और इसका सीधा लाभ मध्यम वर्ग और गरीबों को मिला है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।
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आतंकवाद और माओवादी खतरे का सफाया
राष्ट्रपति ने भारतीय सेना के साहस और पराक्रम की सराहना की। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त करने की सफलता बताई। माओवादियों पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई है, जिससे प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर 8 रह गई है। 2,000 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, और आतंकवाद को पूरी तरह समाप्त करना अब दूर नहीं।
विकास और बुनियादी ढांचा
राष्ट्रपति मुर्मू ने सरकार के विकास लक्ष्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत सोलर ऊर्जा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, 20 लाख सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं। पूर्वोत्तर क्षेत्र में 7,200 से अधिक राजमार्ग बन चुके हैं और रेलवे में 80,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है। आदिवासी क्षेत्रों में 20,000 से अधिक गांवों को विकास से जोड़ा गया है। SC छात्रों को 42,000 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि खुशहाल किसान भारत के विकास का आधार है।
कृषि, मत्स्य पालन और फूड प्रोसेसिंग
राष्ट्रपति ने पीएम किसान सम्मान निधि का उल्लेख किया, जिससे अब तक 4 लाख करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। ऑयलसीड फसलों, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन में वृद्धि हुई है। मत्स्य उत्पादन 105% बढ़ा और देश में फूड प्रोसेसिंग क्षमता 20% बढ़ी है।
महिलाओं के लिए योजनाएं और सशक्तिकरण
राष्ट्रपति ने महिलाओं के लिए सरकार की विशेष योजनाओं पर जोर दिया। अब तक 10 करोड़ महिलाओं को स्व सहायता समूह से जोड़ा गया है। 3 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 60 लाख महिलाएं लाखपति बनी हैं। इसके अलावा ड्रोन दीदी जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में तेजी ला रही हैं।