अंकिता भंडारी हत्याकांड पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया, कहा—दोषियों को हर हाल में सजा मिलेगी और भ्रम फैलाने वालों को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार इस मामले में पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ काम कर रही है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पीड़िता को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) लगातार हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। जांच के दौरान जो भी साक्ष्य और तथ्य सामने आ रहे हैं, उनके आधार पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार न तो किसी दबाव में है और न ही किसी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह भी साफ किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जो भी इस जघन्य अपराध में दोषी पाया जाएगा, उसे सख्त सजा दिलाई जाएगी। सरकार जांच प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
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भ्रम और अफवाह फैलाने वालों पर सीएम सख्त
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते करीब 15 दिनों से अंकिता भंडारी मामले को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और अफवाहों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने जानबूझकर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे प्रदेश का माहौल खराब हुआ और विकास कार्य भी प्रभावित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जनता समझदार है और वह सच और झूठ में फर्क करना जानती है। इस तरह की अफवाहों से न केवल जनता को भ्रमित किया गया, बल्कि राज्य की छवि को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
भ्रम फैलाने वालों को जनता से माफी मांगनी चाहिए
सीएम धामी ने अपील की कि इस संवेदनशील मामले पर राजनीति करने के बजाय सभी को न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग जानबूझकर भ्रम फैला रहे थे, उन्हें उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक हर जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।